Menu
blogid : 28233 postid : 5

हाइड्रोसील का आयुर्वेदिक दवा

Lal Kitab

Lal Kitab

  • 1 Post
  • 0 Comment

हाइड्रोसील का आयुर्वेदिक दवा

 

इस रोग में रोगी के अण्डकोषों में पानी भर जाता है, जिसके कारण उसके अण्डकोष में सूजन आ जाती है। जब यह रोग किसी व्यक्ति को होता है तो उसके केवल एक ही तरफ के अण्डकोष में पानी भरता है। इस रोग का इलाज प्राकृतिक चिकित्सा से किया जा सकता है।

हाइड्रोसिल की समस्या किसी को भी हो सकता है. लेकिन यह बीमारी 40 से अधिक उम्र के व्यक्तियों में ज्यादा देखी गई है। इस बीमारी को ठीक करने के लिए अंडकोष में भरे हुए पानी को बाहर निकालना बहुत जरूरी है.अंडकोष पर किसी प्रकार की चोट लगना, नसों का सूज जाना, स्वास्थ्य की समस्याएं, अधिक शारीरिक सम्बन्ध बनाना, भारी वजन उठाना जैसे कई कारणों से यह बीमारी हो जाती है.

काटेरी की जड़ को सुखाकर उसे बारीक़ करके पीस लें| इस बारीक़ मिश्रण की 10 ग्राम की मात्रा में लगभग 7 ग्राम काली मिर्च का चूर्ण भी मिला दें| अब इन दोनों के मिश्रण को हल्के गर्म पानी के साथ खाएं| इस तरह के उपचार को नियमित रूप से कम से कम 6 से 7 दिनों तक करें.

काली मिर्च और लगभग उससे दुगनी मात्रा में जीरा लें. अब इन दोनों को आपस में मिलाकर अच्छी तरह से पीस लें. अब इन दोनों के मिश्रण में थोड़ा सा सरसों का तेल या फिर जैतून का तेल मिला दें. अब इन तीनी के मिश्रण को हल्का गर्म कर लें. जब यह गर्म हो जाये तो इसमें थोडा सा गर्म पानी भी मिला दें. अब यह एक पतला घोल बन जायेगा | इस लेप को बढे हुए अंडकोष पर लगायें.

जिस रोगी को हाड्रोसिल का रोग है, उसे दिन मे दो बार संतरे का रस या अनार के रस का सेवन करना चाहिए | इसके साथ सलाद में निम्बू का रस मिलाकर खाना चाहिए।

आधिक जानकारी के लिए , पढिए : लहसुन से हाइड्रोसील का इलाज, जानते है सच्चाई

 

डिस्‍क्‍लेमर: उपरोक्‍त विचारों के लिए लेखक स्‍वयं उत्‍तरदायी हैं। जागरण डॉट कॉम किसी भी दावे, आंकड़े या तथ्‍य की पुष्टि नहीं करता है।

Read Comments

Post a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *