Menu
blogid : 1969 postid : 400

खजुराहो- जहां पत्थर भी बोलते हैं…

Jagran Yatra
Jagran Yatra
  • 68 Posts
  • 89 Comments

FACEBOOK

भारत के कई ऐसे स्थल हैं जिन्हें देख कर आंखें फटी की फटी रह जाती हैं. उत्तर में हिमालय से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक कई आश्चर्य देखने को मिलते हैं. इसी क्रम में आते हैं मध्य प्रदेश में स्थित खजुराहो के मंदिर और मूर्ति समूह. लेकिन सबसे अहम बात है खजुराहो को देखने का नजरिया. कई लोगों को यहां की मूर्तियां वासना की संकेतक लगती हैं तो कुछ इसे कला का अनुपम उदाहरण मानते हैं. लेकिन वास्तव में खजुराहो कला द्वारा संभोग की विभिन्न मुद्राओं को दर्शाते हुए मानव-प्रेम को झलकाता है और यह मन में भारतीय कला के प्रति आस्था का प्रवाह करता है.


प्रेम को दर्शती मूर्तियां
प्रेम को दर्शती मूर्तियां

खजुराहो चंदेल शासकों के प्राधिकार का प्रमुख स्‍थान था .उन्होंने यहां अनेक तालाबों, शिल्‍पकला की भव्‍यता और वास्‍तुकलात्‍मक सुंदरता से सजे विशालकाय मंदिर बनवाए.


खजुराहो भारत के मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित है. खजुराहो को प्राचीन काल में खजूरपुरा और खजूर वाहिका के नाम से भी जाना जाता था. यहां बहुत बड़ी संख्या में प्राचीन हिन्दू और जैन मंदिर हैं.  मंदिरों का शहर खजुराहो पूरे विश्व में मुड़े हुए पत्थरों से निर्मित मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है. यहां के सौन्दर्य का ही जादू है कि लोग यहां विदेशों से भी आते हैं और शुरु से ही यहां विदेशी लोगों का जत्था लगा रहता है. हिंदू कला और संस्कृति को शिल्पियों ने जैसे मंदिरों के पत्थरों पर उकेर दिया था. संभोग की विभिन्न कलाओं को इन मंदिरों में बेहद खूबसूरती के उभारा गया है.


लक्ष्मण मंदिर
लक्ष्मण मंदिर

खजुराहो अपनी अतिविशिष्ट कला और संस्कृति के लिए यूनेस्‍को द्वारा विश्‍व विरासत घोषित किया गया है. यहां के कुछ विशेष पर्यटक स्थलों में विश्‍वनाथ, पार्श्‍व नाथ और वैद्यनाथ के मंदिरों सहित अन्य मंदिर शामिल हैं. खजुराहो का सबसे बड़ा और महान मंदिर कंदरिया महादेव का है जिसे राजा गंड ने बनवाया है. इसके अलावा बामन, आदिनाथ, जवारी, चतुर्भुज और दुल्‍हादेव कुछ छोटे किन्‍तु विस्‍तृत रूप से संकल्पित मंदिर हैं. खजुराहो का मंदिर समूह अपनी भव्‍य छतों(जगती) और कार्यात्‍मक रूप से प्रभावी योजनाओं के लिए भी उल्‍लेखनीय है.

VishwanathTemple21_smallयहां की शिल्‍पकलाओं में धार्मिक छवियों के अलावा परिवार, पार्श्‍व, अवराणा देवता, दिकपाल और अप्‍सराएं तथा सुर सुंदरियां भी हैं, जो उनकी कोमल और युवा नारीत्‍व के रूप में अपनी अपार सुंदरता के लिए विश्‍व भर में प्रशंसित हैं. यहां वेशभूषा और आभूषण भव्‍य और मनमोहक हैं.


भारत में कला का यह एक ऐसा उदाहरण है जिसके सौन्दर्य में आप वहां जाकर कुछ देर के लिए तो खो ही जाएंगे.


आगे पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: http://jagranyatra.com/

Read Comments

Post a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *