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फादर्स डे (17 जून) – कभी सख्त तो कभी नरम, स्थान पिता का सबसे अहम !!

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किसी भी संतान के जीवन में उसके पिता का स्थान बेहद अहम होता है। बच्चे के लिए जहां उसके पिता उसके सुपरमैन होते हैं वहीं जब वह उम्र के एक परिपक्व मुकाम पर पहुंच जाता है तो वह अपने पिता के रूप में अपने सबसे अच्छे दोस्त और मार्गदर्शक को ढूंढ़ने लगता है। हां, जिम्मेदारियों को निभाते-निभाते कभी कभार आपके पिता आपके साथ सख्त व्यवहार भी जरूर करते होंगे लेकिन आप इस बात को झुठला नहीं सकते कि उनके गुस्से में भी आपके प्रति स्नेह और दुलार छिपा होता है।


अपनी सभी इच्छाओं को दरकिनार कर पिता एक संरक्षक के तौर पर हर समय अपने बच्चे को एक सुखद और खुशहाल वातावरण देने की कोशिश करता है। पिता के इस समर्पण और त्याग का मोल चुकाना किसी भी संतान के लिए संभव नहीं है। वह अपना पूरा जीवन भी पिता की सेवा में लगा दे तो भी वह इस ऋण से मुक्ति नहीं पा सकता। लेकिन आधुनिक समय की विडंबना देखिए, इस ईश्वर रूपी पिता के प्रति कृतज्ञता जाहिर करने के लिए हमारे पास थोड़ा सा भी समय नहीं बचा है। भागती-दौड़ती जीवनशैली से उलझते हुए आज प्राय: सभी लोग केवल अपने हितों की सोचने लगे हैं। अपने जीवन स्तर को सुधारने की जुगत में अभिभावकों को समय देना तक भूल गए हैं।


अगर आप अपने पिता के प्रति अपनी अनमोल भावनाओं को व्यक्त करना चाहते हैं तो इसमें जागरण जंक्शन आपकी सहायता कर सकता है। कुछ ही दिनों में फादर्स डे आने वाला है, इस मौके पर आप अपना एक स्वतंत्र ब्लॉग बनाकर पिता को अपनी भावनाओं का अहसास करवा सकते हैं। पिता को थैंक्यू कहने से लेकर उनके साथ बिताए अनमोल पलों को भी आप अन्य पाठकों के साथ साझा कर सकते हैं। आप चाहे तो अपने पिता के खट्टे-मीठे स्वभाव को भी शब्दों में बयां कर सकते हैं।


नोट: अपना ब्लॉग लिखते समय इतना अवश्य ध्यान रखें कि आपके शब्द और विचार अभद्र, अश्लील और अशोभनीय ना हों तथा किसी की भावनाओं को चोट ना पहुंचाते हों।


धन्यवाद

जागरण जंक्शन परिवार


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