Menu
blogid : 7629 postid : 1189899

तो ऐसे आई भारत में पहली बार एड्स बीमारी, इस महिला ने लगाया पता

एड्स दुनिया के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है. एचआईवी से संक्रमित लोगों की संख्या पिछले दिनों कम होने की बजाए बढ़ी है. वहीं दुनियाभर में एचआईवी से संक्रमित लोगों की सूची में भारत तीसरे स्थान पर है, जोकि काफी चिंता का विषय है.  वहीं आपको यह जानकर हैरानी होगी कि भारत ने एचआईवी के लक्षण को आज से 30 साल पहले ही भांप लिया था. चेन्नई की डॉ. सुनीति सोलोमन एचआईवी पर जो रिर्सच किया था वो विज्ञान की दुनिया के लिए एक वरदान था.


hiv



डॉ. सुनीति को इस वायरस की समझ तीन दशक पहले हो गई थी. सुनीति मद्रास मेडिकल कॉलेज की तरफ से 100 सेक्स वर्करो पर एक रिर्सच कर रही थी. उसी दौरान उन्हें एचआईवी से संक्रमित लोगों के बारे में पता चला. तब सेक्स वर्कर पर शोध के दौरान 100 में से 6 लोगों को यह बीमारी थी. हालांकि सरकार ने उनकी इस खोज को बेबुनियाद बता दिया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने जांच के नमूनों को अमेरिका भेजा, जहां उनके परीक्षण को हरी झंडी मिली. हालांकि सुनीति को इस खोज के बाद भारी विरोध का सामना करना पड़ा.


soloo

1993 में उन्होंने चेन्नई में ‘वाई आर गायतोंडे केयर फाउंडेशन’ की स्थापना की और अपने रिर्सच को जारी रखा. यह उनकी खोज और मेहनत का ही नतीजा है कि आज भारत एचआईवी से लड़ने में कुछ हद तक कामयाब हो पाया है.


hiv1



Read : विश्व एड्स दिवस:जिंदगियों को लील जाती और पता भी नहीं होता


पूर्व सेक्स वर्कर एस. नूरी ने इस मामले में डॉ. सुनीति की बहुत सहायता की है. अपने इंटरव्यू में नूरी ने कहा, ‘1987 में जब मैं डॉ. सुनीति मिली तो मैंने उनकी सहायता का फैसला लिया और हमने मिलकर इसपर जागरुकता फैलाई ताकि लोग इसपर ज्यादा से ज्यादा बात करें.’


hii


नूरी का मानना है कि, सुनीति का काम वाकई काबिले तारीफ है. नूरी ने कहा, ‘उन्होंने जो किया वो हम सब के लिए वरदान है और इसके लिए हमें उनको धन्यवाद देना चाहिए’… Next


Read More :

डॉक्टरों ने इलाज के एवज में उसका दिल उसके शरीर से ही अलग कर दिया फिर भी वो जीवित रही, लेकिन कैसे?

1 करोड़ 80 लाख रुपए में भी कोई डॉक्टर नहीं चाहता इस जगह पर काम करना

एड्स से बचाव के लिए अफ्रीका में किया जाता था किशोरियों से रेप! जानें एड्स से जुड़े ऐसे ही 17 रोचक तथ्य


Read Comments

Post a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *