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चाणक्य ने बताया था किसी को भी हिप्नोटाइज करने का यह आसान तरीका, पढ़िए और लोगों को वश में कीजिए

कहीं भी, कभी भी बिना किसी मंत्र के किसी को भी हिप्नोटाइज किया जा सकता है. यह हिप्नोटिज्म पर्सन टू पर्सन, उसके नेचर (स्वभाव) के अनुसार बदल भी सकता है लेकिन अक्सर हिप्नोटिज्म का यह कलयुगी तरीका काम कर जाता है. हालांकि आप जानकर हैरान होंगे कि यह आधुनिक युग की देन नहीं है बल्कि कई शताब्दियों पहले ही इसकी खोज की जा चुकी थी. हां, यह और बात है कि आज यह हिप्नोटिज्म कुछ अधिक ही कारगर है और शायद बहुत कम लोग होंगे जिन पर यह काम नहीं करता.


Hypnotism


चाणक्य नीति तो सुनी होगी आपने. राजनीति में चाणक्य नीति हमेशा माननीय रही है. जानकर हैरानी होगी कि ज्योतिष से कोई नाता न होते हुए भी बिना मंत्र किसी को भी हिप्नोटाइज करने का यह आसान तरीका चाणक्य ने ही बताया है जो आज कई जगह धड़ल्ले से प्रयोग भी हो रहा है.


न मंत्र, न खास जगह, फिर भी हो जाता है इंसान हिप्नोटाइज

चाणक्य नीति में इंसानों के स्वभाव पर बहुत गूढ़ बातें कही गई हैं. इसी के विस्तारण में चाणक्य ने इंसानी स्वभाव के अनुसार उसे आसानी से हिप्नोटाइज कर सकने की बात कही है. इसके अनुसार लोभी, पाखंडी, लालची, धनी, मूर्ख, दानी, बुद्धिमान जैसे अलग-अलग स्वभावों वाले कई प्रकार के लोग होते हैं. हिप्नोटाइज करने के लिए बस किसी का स्वभाव जानना जरूरी होता है फिर आसानी से उसे हिप्नोटाइज किया जा सकता है.


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हिप्नोटाइज करने के तरीके

लालची: लालची मनुष्य को बिना मेहनत बस पैसे दिख जाएं वह इसके लिए कुछ भी करेगा. इसलिए लालची लोगों को वश में करना बहुत आसान होता है. इन्हें पैसे देकर आसानी से अपने मन मुताबिक काम करवाया जा सकता है. आजकल यह बहुतायत हो भी रहा है. हां, लालच के प्रकार के अनुसार यह परिस्थिति बदल भी सकती है. जैसे अगर किसी को सिर्फ पैसे का लालच न हो, किसी और वस्तु का लालच हो सकता है. दरअसल यह इंसान को जरूरतमंद बना देता है. सामान्य शब्दों में इसे जरूरतमंद ढूंढ़ना और उसका फायदा उठाना भी कह सकते हैं. पर हिप्नोटिज्म का अर्थ होता है किसी को वश में करना और यह इस तरह लालची या किसी भी प्रकार के जरूरतमंद को वश में करने का यह हिप्नोटिज्म का तरीका आज खूब उपयोग हो रहा है.


गुस्सैल: गुस्सैल स्वभाव वालों को उनका गुस्सा सहकर अपने वश में किया जा सकता है. ऐसे लोगों को वश में करना आज सबसे आसान है क्योंकि आज कोई भी किसी का गुस्सा नहीं सह सकता. ऐसे में अगर कोई किसी का गुस्सा सहता है तो वास्तव में वह व्यक्ति धीरे-धीरे उस इंसान के वश में आ ही जाता है क्योंकि गुस्सा उसकी कमजोरी है और उसे भी पता है कि हर कोई उसकी कमजोरी समझकर उसे नहीं झेलेगा.

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मूर्ख: किसी बेवकूफ को वश में करना हो तो चाणक्य बस उसकी प्रशंसा करने की सलाह देते हैं क्योंकि सही-गलत की पहचान कर सकने की उसमें क्षमता नहीं होती और अपनी प्रशंसा सुननकर वह फूले नहीं समाता. इस प्रकार अपने प्रशंसक के कहे अनुसार वह कार्य जरूर करता है.


बुद्धिमान: चाणक्य नीति के अनुसार बुद्धिमान मनुष्य को हिप्नोटाइज करना सबसे मुश्किल काम है क्योंकि वह चीजों को बुद्धिमत्ता और सूक्ष्मता से निरीक्षण कर उसे परख और समझ सकता है. इसलिए किसी बुद्धिमान को हिप्नोटाइज करने का एकमात्र तरीका है उसके सामने सच बोलना. सच बोलकर उसे प्रभावित किया जा सकता है और इसका मान करते हुए वह उसके कहे अनुसार काम कर सकता है.


घमंडी: घमंडी स्वभाव के मनुष्यों के लिए चाणक्य नीति के अनुसार उनकी चपलूसी कर उन्हें हिप्नोटाइज किया जा सकता है.


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हालांकि चाणक्य राजनीति की कूटनीतिक रणनीतियों के लिए प्रसिद्ध हैं और हिप्नोटाइज या किसी को अपने वश में करने की उनकी यह नीति भी इस राजनीतिक कूटनीति का ही हिस्सा है. फिर भी आज के वक्त में अगर देखें यह हिप्नोटिज्म का तरीका बहुत आम हो गया है. इस तरह हिप्नोटाइज होने वाला व्यक्ति शायद ही समझ पाता हो कि वह हिप्नोटाइज है और किसी के वश में आकर वह गलत कर रहा है जबकि वास्तव में वह हर हाल में अपनी मर्जी के खिलाफ और अपना नुकसान कर रहा होता है. इससे बचने का भी एक मात्र तरीका ईमानदारी से अपने लाभ का सोचना ही है. एक बार सोचिए जरूर. अगर ऐसा नहीं होता तो शायद आज भ्रष्टाचार, ठगी जैसे अपराध होते क्या? शायद नहीं. एक बार रुकिए और सोचिए क्या आप हिप्नोटाइज नहीं हैं?


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