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लाइनक्स: एक बेहतरीन ऑपरेटिंग सिस्टम

गौरैया

गौरैया

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लाइनक्स एक बेहतरीन ऑपरेटिंग सिस्टम है और आपको निःशुल्क वो सभी सुविधाएँ देता है जो एक  अच्छे ऑपरेटिंग सिस्टम में होनी चाहिए। लाइनक्स की एक ख़ास बात यह है कि यह वायरस प्रूफ है यानि कि इसमें आपको वायरस से कंप्यूटर ख़राब होने की चिंता नहीं करनी होगी। हालाँकि जब हम ऑपरेटिंग सिस्टम की बात करते हैं तो  सबसे पहले Windows का  नाम आता है। और क्यों न हो, Windows डेस्कटॉप और लैपटॉप पर प्रयोग होने वाला आज का सबसे पॉपुलर ऑपरेटिंग सिस्टम है ।  एप्पल के MAC OS ऑपरेटिंग सिस्टम का अपना एक अलग स्थान है और यह भी एक जबर्दस्त ऑपरेटिंग सिस्टम है, लेकिन ये केवल एप्पल के कम्प्यूटरों के साथ पहले से ही स्थापित होता है।

लाइनक्स “स्वतंत्र और मुक्त स्रोत सॉफ्टवेयर” के सबसे प्रमुख उदाहरणों में से एक है. यह सर्वर एवं अन्य बड़े कम्प्यूटरों जैसे मेनफ्रेम कंप्यूटर तथा सुपरकम्प्यूटरों में प्रयोग होने वाला एक अग्रणी ऑपरेटिंग सिस्टम है; और अगर जून 2013 तक के आंकड़ो को देखें तो विश्व के 500 तीव्रतम सुपर कम्प्यूटरों में से 95 प्रतिशत लाइनक्स के किसी न किसी प्रकार पर आधारित हैं जिनमे सबसे तेज़ 44 भी सामिल हैं। लाइनक्स एम्बेडेड सिस्टम जैसे कि मोबाइल, टेबलेट, टेलीविज़न, विडिओ गेम इत्यादि में भी बहुतायत से प्रयोग किया जाता है। आजकल मोबाइल उपकरणों में व्यापक तौर पर उपयोग होने वाला एंड्रॉयड सिस्टम लाईनक्स कर्नेल पर बनाया गया है।

लाइनक्स के मुक्त स्रोत होने के कारण इसके सोर्स कोड का प्रयोग कर अपनी आवश्यकतानुसार परिवर्तन किया जा सकता है।  इस विशेषता के कारण इसके बहुत सारे डिस्ट्रीब्यूशन उपलब्ध हैं। डिस्ट्रीब्यूशन, जिसे छोटे रूप में ‘डिस्ट्रो’ भी कहते हैं, लाइनक्स का प्रयोग कर तैयार किया गया एक स्पेसिफिक सॉफ्टवेयर पैकेज है जिसमे अप्प्लिकेशन्स, यूटिलिटीज और ग्राफिक्स होते हैं। लाइनक्स के तीन सौ से भी अधिक डिस्ट्रो हैं जिनमे से कुछ लोकप्रिय डिस्ट्रो हैं : डेबियन (Debian), फेडोरा (Fedora), openSUSE, PCLinuxOS, रेडहैट(Redhat), उबण्टू (ubuntu ) इत्यादि।

अगर हम डेस्कटॉप या लैपटॉप की बात करें तो उबण्टू एक अच्छा विकल्प है जो कि आजकल बहुत लोकप्रिय है। उबण्टू कैनॉनिकल (canonical.com) द्वारा विकसित और समर्थित है। अगर हम इसके ग्राफ़िकल यूजर इंटरफ़ेस (GUI ) की बात करें तो यह बिलकुल Windows के जैसा है।  इसको इनस्टॉल करना बहुत ही आसान है और यह मुफ्त उपलब्ध है।  उबण्टू को स्वतंत्र रूप से इनस्टॉल किया जा सकता है या फिर इसे पहले से मौजूद Windows या MAC के साथ भी प्रयोग किया जा सकता है। इसमें विंडोज के ऑफिस कि तरह लाईबर ऑफिस पहले से ही है जिसमें ऑफिस का सारा काम किया जा सकता है। मीडिया प्लेयर, मैसेंजर, थंडरबर्ड ईमेल, मोज़िल्ला फ़ायरफ़ॉक्स वेब ब्राउज़र जैसे ज़रूरी एप इसमें पहले से ही इंस्टॉल हैं। और कोई भी एप, जैसे कि स्काइप, अगर डाउनलोड करना हो तो जिस प्रकार हम एंड्रायड से अपने फ़ोन पर कोई एप डाउनलोड करते हैं उसी प्रकार उबंटू में भी कोई एप डाउनलोड करने के लिए उबंटू सॉफ्टवेयर सेंटर है। इसके अलावा कई अन्य तीसरी रिपॉज़िटरीज से भी एप डाउनलोड किया जा सकता है।  आज-कल के तमाम लोकप्रिय एवं शैक्षणिक एप उबंटू सॉफ्टवेयर सेंटर पर उपलब्ध हैं। लाइनक्स विश्व की तमाम भाषाओँ में ऑपरेटिंग सिस्टम को उपलब्ध कराने हेतु प्रयासरत है और इसके परिणाम स्वरुप उबंटू को हिंदी सहित भारत की अन्य भाषाओँ में भी चलाया जा सकता है। उबंटू इनस्टॉल करने के लिये इसको अफीशियल वेबसाइट http://ubuntu.com से डाउनलोड किया जा सकता है। इनस्टॉल करने के लिए सिस्टम की जरूरतें और तरीके भी इसी वेब साईट पर उपलब्ध हैं।

ऐसी अवधारणा है की लाइनक्स केवल प्रोग्रामरों और कंप्यूटर के विशेषज्ञों के लिए है। पर यह बिलकुल ही निराधार है और विशेषतः उबंटू इस अवधारणा को खारिज़ करता है। तो अगर आप एक नए वायरस मुक्त ऑपरेटिंग सिस्टम का आनंद उठाना चाहते हैं तो यह आपके लिए है।

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