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क्या बाबा रामदेव का ‘हनीमून’ वाला बयान भाजपा के लिए हानिकारक हो सकता है?

जागरण जंक्शन फोरम

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“राहुल गांधी दलितों के घर हनीमून या पिकनिक के लिए जाते हैं। यदि उन्होंने किसी दलित लड़की से शादी की होती तो उनकी किस्मत चमक सकती थी और वह प्रधानमंत्री बन जाते”: बाबा रामदेव


खबर है कि अकसर अपने योग शिविरों के जरिए सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस पर हमला करने वाले योग गुरु बाबा रामदेव ने लखनऊ में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निजी हमला कर न केवल राजनीति का पारा गर्म किया बल्कि दलित समुदाय को भी भारी आघात पहुंचाया। रामदेव के उपरोक्त बयान पर समाज के हर वर्ग ने खासकर दलित वर्ग ने खासी नाराजगी व्यक्त की है। रामदेव के बयान की गंभीरता को देखते एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है वहीं चुनाव आयोग ने एक आदेश जारी कर धार्मिक संगठनों और समूहों की ओर से धार्मिक समागम, योग शिविर और जुलूस आदि निकालकर किसी उम्मीदवार या पार्टी के समर्थन या विरोध में अपील करने पर पाबंदी लगा दी है। वैसे अपने बयान पर मचे बवाल के बीच योग गुरु बाबा रामदेव ने दिए वक्तव्य पर अफसोस जताया है।


विपक्ष

बाबा रामदेव के इस बयान के बाद समाज का हर वर्ग उनके खिलाफ सक्रिय हो चुका है। उनके विरोधी उन्हें ‘विकृत मानसिकता’ वाले व्यक्ति के तौर पर देख रहे हैं, जिसके मन में दलित महिलाओं के लिए कोई सम्मान का भाव नहीं है। कांग्रेस नेता और वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने इस बयान को शर्मनाक और अपमानजनक बताया। उन्होंने कहा कि ‘मुझे शर्मिंदगी महसूस होती है कि कोई व्यक्ति इस तरह का बयान देता है और फिर भी एक राजनीतिक दल (भाजपा) उसे गले लगाए हुए है। बसपा प्रमुख मायावती तो चुनाव बाद उन्हें देख लेने की बात कर रही हैं। जानकारों का एक वर्ग मानता है कि राजनीतिक दल भाजपा और उनके नेता नरेंद्र मोदी का नाम जपने वाले बाबा रामदेव का यह बयान भाजपा को नुकसान पहुंचा सकता है। रामदेव के इस बयान को कई राजनीतिक दल भाजपा के नुकसान के साथ जोड़कर देख रहे हैं।


पक्ष

वहीं दूसरी तरफ रामदेव के समर्थकों और भाजपा के कई नेताओं ने इस बयान के लिए मीडिया को कटघरे में खड़ा किया है। उनका मानना है कि रामदेव ने जो बयान दिया है उसे एक व्यंग्यात्मक रूप में लिया जाना चाहिए। राजनीति में इस तरह के बयान अकसर और भी नेता देते रहे हैं जैसे – केजरीवाल का हनीमून पीरड समाप्त हो गया, इसका मतलब यह तो नहीं कि केजरीवाल हनीमून मनाने गए थे। हनीमून का वक्त समाप्त हो गया है, जैसे शब्द का राजनीतिक भाषा में सामान्य प्रयोग होता है। उधर भाजपा ने रामदेव के बचाव में उतरते हुए कहा कि वह एक ‘संत’ हैं और उनके शब्दों को उसी परिप्रेक्ष्य में देखना चाहिए, जिस परिप्रेक्ष्य में वे कहे गए हैं और इसे कांग्रेस नेताओं की धारणा के मुताबिक नहीं देखा जाना चाहिए।


उपरोक्त मुद्दे के दोनों पक्षों पर गौर करने के बाद निम्नलिखित प्रश्न हमारे सामने हैं जिनका जवाब ढूंढ़ना नितांत आवश्यक है, जैसे:


1. बाबा रामदेव द्वारा राजनीतिक रूप से इस तरह की बयानबाजी करना कितना सही है ?

2. इस तरह की बयानबाजी के पीछे क्या रामदेव का कोई राजनीतिक एजेंडा है?

3. क्या वह सच में कालेधन, भ्रष्टाचार और परिवारवाद के मुद्दे पर गंभीर हैं?

4. क्या उनका यह बयान देश में कांग्रेस के खिलाफ उनकी पीड़ा को दर्शाता है?

5. क्या रामदेव का यह बयान भाजपा को नुकसान पहुंचा सकता है?


जागरण जंक्शन इस बार के फोरम में अपने पाठकों से इस बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे पर विचार रखे जाने की अपेक्षा करता है। इस बार का मुद्दा है:


क्या बाबा रामदेव का ‘हनीमून’ वाला बयान भाजपा के लिए हानिकारक हो सकता है?


आप उपरोक्त मुद्दे पर अपने विचार स्वतंत्र ब्लॉग या टिप्पणी लिख कर जाहिर कर सकते हैं।

नोट: 1. यदि आप उपरोक्त मुद्दे पर अपना ब्लॉग लिख रहे हैं तो कृपया शीर्षक में अंग्रेजी में “Jagran Junction Forum” अवश्य लिखें। उदाहरण के तौर पर यदि आपका शीर्षक “क्या रामदेव का कोई राजनीति एजेंडा हैं ” है तो इसे प्रकाशित करने के पूर्व “क्या रामदेव का कोई राजनीति एजेंडा हैं” – Jagran Junction Forum लिख कर जारी कर सकते हैं।


2. पाठकों की सुविधा केलिए Junction Forum नामक कैटगरी भी सृजित की गई है। आप प्रकाशित करने के पूर्व इस कैटगरी का भी चयन कर सकते हैं।


3. अगर आपने संबंधित विषय पर अपना कोई आलेख मंच पर प्रकाशित किया है तो उसका लिंक कमेंट के जरिए यहां इसी ब्लॉग के नीचे अवश्य प्रकाशित करें, ताकि अन्य पाठक भी आपके विचारों से रूबरू हो सकें।


धन्यवाद

जागरण जंक्शन परिवार


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