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क्यों है अग्निपथ योजना को लेकर युवाओं में रोष, क्या है सरकार का कहना

हाल ही में केंद्र सरकार ने सशस्त्र बलों की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव लाने की कोशिश के चलते अग्निपथ योजना (Agnipath scheme) की शुरुआत की। नई सैन्य भर्ती योजना का विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया है। केंद्र ने अग्निपथ योजना में भर्ती होने के लिए एक बार के लिए अग्निवीरों की आयु (Agniveers age) सीमा में बदलाव लाने का फैसला किया है। इसके चलते केंद्र ने 16 जून 2022 को अग्निपथ योजना के माध्यम से भर्ती होने वाले अग्निवीरों की उम्र 21 साल से बढ़ाकर 23 साल कर दी है।

Geetika Sharma
Geetika Sharma17 Jun, 2022
Image courtesy:- ANI twitter handle

क्या है अग्निपथ योजना-
14 जून को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सशस्त्र बलों (Indian Army) में सेवा करने के लिए भारतीय युवाओं के लिए इस भर्ती योजना को मंजूरी दी। इस योजना को अग्निपथ का नाम दिया गया और इस योजना के तहत भर्ती होने वाले युवाओं को अग्निवीर कहा जाएगा। अग्निपथ योजना के चलते देशभक्त और प्रेरित युवाओं को चार साल के लिए सशस्त्र बलों में देश की सेवा करने का मौका दिया जाएगा।

क्या बोले राजनाथ सिंह-
एक ओर सरकार युवाओं को अग्निपथ स्कीम के फायदे गिना रही है। शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh comment over Agnipath) ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि दो सालों से कोराना महामारी के चलते सेना भर्ती प्रक्रिया में काफी रुकावटें आ रही थीं। इसके चलते कई युवाओं को सेना में भर्ती होने का मौक नहीं मिल सका, जिसके चलते सरकार ने अग्निवीरों की उम्र सीमा में बदलाव किया है।

क्यों हो रहे प्रदर्शन-
इसके चलते सबसे पहले बिहार में इस स्कीम का विरोध (Agnipath protests) जताया गया, जिसके लपटे अब पूरे देश में पहुंच गई है। युवा सड़कों पर उतर कर स्कीम का विरोध जता रहे और केंद्र सरकार के प्रति अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। युवाओं का कहना है कि भर्ती के लिए कड़ी मेहनत करने के बाद युवाओं को केवल चार साल तक ही नौकरी का लाभ मिल सकेगा। चार साल वह युवा कहां जाएंगे और सरकार हमें बीच में लाकर छोड़ देगी।

इन राज्यों में बी हो रहा विरोध-
बिहार के बाद देश के सात राज्यों में स्कीम को लगातार विरोध किया जा रहा है और सरकारी प्रॉपर्टी का नुकसान किया जा रहा है। यूपी में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकारी बसों में आग लगा दी गई। हरियाणा में पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल किया। उत्तराखंड में युवाओं की पत्थरबाजी के चलते कई पुलिस वाले चोटिल हो गए।

दिसंबर में शुरू होगी अग्निवीरों की ट्रेनिंग-
इसके बावजूद भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने शुक्रवार को कहा कि पहले अग्निवीरों के बेच की ट्रेनिंग दिसंबर 2022 (Training of Agnipath batch) में शुरू होगा और 2023 के मध्य में उनकी नौकरी की शुरुआत होगी। विरोध प्रदर्शन के चलते सरकार के लिए अग्निवीरों की भर्ती एक बड़ी चुनौती होगी। कितने युवा भर्ती प्रक्रिया में भाग लेते हैं ये कहना काफी मुश्किल होगा।

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