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इस जोर के झटके में दम कम है

पोगो पर आने वाला शो “टोटल वाइप आउट” का भारतीय संस्करण जोर का झटका भारत में उतना सफल नहीं हो रहा जितना यह विदेशों में सफल हुआ tथा. जावेद जाफरी की बेहतरीन और गुदगुदाने वाली कमेंट्री के साथ प्रतियोगियों के जोश ने इस शो को विदेशों में तो बहुत लोकप्रिय किया लेकिन इसके इंडियन वर्जन यानि जोर का झटका को लोगों ने सिरे से नकार दिया. इसमें काफी हद तक लोगों को शाहरुख का फुहड़ व्यंग्य और उनके गिरते ग्राफ का नतीजा मान रहे हैं.


zor-ka-jhatkaहालांकि इसमें कोई शक नहीं कि शाहरुख टेलीविजन के बादशाह हैं. शाहरुख खान ने टीवी से ही अपना कॅरियर शुरू किया है लेकिन शायद टीवी पर दुबारा आकर कुछ गलतियों को दुहरा रहे हैं. पिछली बार “पांचवी पास” में भी दर्शकों ने शाहरुख की सेंस ऑफ ह्यूमर की काफी प्रशंसा की थी लेकिन इसके साथ लोगों ने यह भी कहा था कि शाहरुख कई बार फूहड मजाक कर देते हैं जो बुरा लगता है. शाहरुख खान के भद्दे कमेंट दर्शकों को पसंद नहीं आ रहे हैं. इसमें कोई दो राय नहीं कि स्टेज पर एंकर के रूप में शाहरुख का कोई सानी नहीं, लेकिन हद से अधिक दोअर्थी संवाद अच्छे नहीं होते हैं.


वाइपआउट के विदेशी संस्करण में किशोर बच्चे ये खेल खेला करते थे. उसमें जावेद जाफरी कमेंट्री करते नजर आते थे, पर जावेद की टिप्पणी से किसी को परेशानी नहीं हुई, बल्कि बच्चों के साथ बड़ों ने भी वो शो पसंद किया और ये खूब चला भी. लेकिन भारत में इस शो में तड़का लगाने के लिए और शाहरुख ने खुद को टीवी का बिग बॉस बताने के चक्कर में शो का कबाड़ा कर दिया है. बाकि काम पूरा किया है इस शो के प्रतियोगियों ने.

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