Menu
blogid : 319 postid : 1398848

निरूपा रॉय के लिए शशी कपूर ने कहा था ‘मेरे पास मां है’, बाद में बनीं बॉलीवुड की फिल्मी मां

Rizwan Noor Khan

4 Jan, 2021

फिल्म दीवार का फेमस डायलॉग ‘मेरे पास मां है’ आज भी लोगों की जुबां पर चढ़ा हुआ है। शशी कपूर ने अमिताभ बच्चन से यह डायलॉग निरूपा रॉय के लिए कहा था। निरूपा रॉय ने फिल्म में दोनों की मां का रोल निभाया था। उन्हें बॉलीवुड की सबसे सफल फिल्मी मां भी कहा जाता है। उन्होंने सबसे ज्यादा अमिताभ बच्चन की मां का किरदार निभाया है। निरूपा रॉय की बर्थ एनीवर्सरी पर जानते हैं उनके जिंदगी के कुछ दिलचस्प किस्से।

Deewar Movie Scene.

छोटी उम्र में विवाह और अभिनय की चाहत
हिंदी फिल्मों में अमिताभ बच्चन की मां का किरदार निभाने के लिए सुर्खियां बंटोरने वाली अभिनेत्री निरूपा रॉय का जन्म गुजरात के वलसाढ़ में 4 जनवरी 1931 में हुआ था। बचपन में उनका नाम कोकिला किशोरचंद्र बुलसारा था। 15 साल की उम्र में उनकी शादी कमल रॉय के साथ कर दी गई और वह एक्टिंग में करियर बनाने के लिए पति के साथ मुंंबई शिफ्ट हो गई

मराठी फिल्म से करियर का आगाज
अखबार में फिल्म का विज्ञापन देखकर वह प्रोडक्शन हाउस पहुंची और फिल्म के लिए चुन ली गईं। फिल्मों में काम करने के लिए उन्होंने अपना नाम बदलकर निरूपा रॉय कर लिया। 1946 में उन्हें मराठी फिल्म रानकदेवी मिली। इसी साल उन्हें हिंदी फिल्म अमर राज के लिए भी साइन कर लिया गया और इस तरह निरूपा रॉय का फिल्मी करियर चल निकला।

बिमल रॉय ने ​बनाया सफल अभिनेत्री
7 साल तक कुछ अन्य फिल्मों में काम करने के बाद उन्हें बिमल रॉय की ऐपिक फिल्म दो बीघा जमीन मिली। इस फिल्म में उनके अभिनय को खूब सराहना मिली और वह स्थापित अभिनेत्री बन गईं। इस फिल्म को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया। निरूपा रॉय को शुरुआत में तो खूब लीड रोल हासिल हुए, लेकिन बाद में उन्‍हें मां, भाभी और बड़ी बहन के किरदार मिलने लगे।

अमिताभ बच्चन की फिल्मी मां
निरूपा रॉय ने सबसे ज्यादा फिल्मों में अमिताभ बच्चन की मां का अभिनय किया। फिल्‍म अमर अकबर एंथोनी, दीवार जैसी ब्‍लॉकबस्‍टर फिल्‍मों में मां के किरदार को जीवंत बना दिया। उन्होंने पर्दे पर कई बार अमिताभ बच्चन की मां का किरदार अदा किया। इसलिए लोग उन्हें अमिताभ की फिल्मी मां भी कहते हैं। निरूपा रॉय ने 1946 से 1999 तक करीब 300 फिल्मों में दमदार भूमिका निभाई। उन्हें तीन बार फिल्‍मफेयर और फिल्‍मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा गया।

बेबस मां के रोल से रुला देती थीं
निरुपा रॉय ज्यादातर फिल्मों में बेबस और दुखियारी मां की भूमिका में दिखीं। वह अपने अभिनय से की आंखें नम कर देती थी। फिल्मों के जरिए खूब नाम कमाने वाली निरूपा के आखिरी दिनों में वह हृदय संबंधी समस्या से परेशान रहीं। मीडिया में ऐसी खबरें भी आईं कि उनके बेटों के बीच मां की सपंत्ति और मकान हासिल करने के लिए लड़ाई शुरु हो गई जो कोर्ट तक पहुंची। इन सबके बीच 13 अक्‍टूबर 2004 को 73 वर्ष की उम्र में निरूपा रॉय का निधन हो गया गया।…NEXT

 

ये भी पढ़ें : आखिरी बार पर्दे पर दिखेंगे इरफान खान

अनिल कपूर 12 साल तक सपोर्टिंग और कैमियो ही करते रहे

पर्दे पर हॉलीवुड और बॉलीवुड की धमाकेदार फिल्में

7 निर्देशक जिन्होंने अपनी ही फिल्म को दो बार बनाया

प्रकाश झा की आश्रम के अलावा 7 वेबसीरीज विवादों में रहीं

साल 2020 की टॉप 10 मूवी लिस्ट

Read Comments

Post a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *