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भारत का अनूठा अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल, बांस-बल्ली के तंबू में दिखाई जाती हैं फिल्में

Rizwan Noor Khan

7 Oct, 2020

गांव में और तंबू में आयोजित होने वाला खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल भारत का अनूठा फेस्टिवल है। इस साल दिसंबर में इसके 6ठे संस्करण के आयोजन का ऐलान कर दिया गया है। खास बात ये है कि विदेशी फिल्मकारों के लिए यह फेस्टिवल कौतूहल का केंद्र बनता है। इस बार फेस्टिवल दो तरीके से आयोजित होगा।

Image courtesy : Khajuraho International Film Festival Facebook Page

खजुराहो में 5 सालों से हो रहा आयोजन
मध्यप्रदेश के सबसे बड़े पर्यटन केंद्र खजुराहो में पिछले 5 सालों से अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल (KIFF) का आयोजन किया जा रहा है। इस बार दुनियाभर के फिल्म फेस्टिवल वर्चुअल तरीके से आयोजित किए गए हैं। इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए KIFF का आयोजन वर्चुअल और पारंपरिक तरीके से भी होगा।

17 से 23 दिसंबर तक दिखाई जाएंगी फिल्में
आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक संस्कृति विभाग के सहयोग से होने वाले फेस्टिवल में इस बार विदेशी फिल्मकार हिस्सा नहीं ले पाएंगे। इसलिए फेस्टिवल को वर्चुअल तरीके से करने की तैयारी है। 17 से 23 दिसंबर तक चलने वाले KIFF को 2020 में इस दुनिया से अलविदा कहने वाले बॉलीवुड कलाकारों को समर्पित किया गया है।

टपरा टॉकीज में होगा फिल्मों का प्रदर्शन
स्थानीय स्तर पर फेस्टिवल की फिल्मों को पहले की तरह ही टपरा टॉकीज में दिखाई जाएंगी। बांस बल्ली गाड़कर तिरपाल से बनाए तंबू को टपरा टॉकीज कहा जाता है। KIFF की फिल्मों को पहले के वर्षों में भी सिनेमाघरों की बजाय टपरा टॉकीज में दिखाया जाता रहा है। ऐसा करने के कारण यह अनूठे अंदाज वाला फेस्टिवल बन गया है।

सिनेमा की विश्व विरासत को बचाने का प्रयास
फेस्टिवल के आर्गनाइजर एक्टर राजा बुंदेला के मुताबिक KIFF का आयोजन सिनेमा की विश्व विरासत को बचाने का प्रयास है। पहले सिनेमाघर नहीं हुआ करते थे तब इन्हीं टपरा टॉकीज में लोग फिल्में का आंनद लेते थे। गांव में होने वाले खजुराहो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल को विलेज फेस्टिवल भी कहा जाता है।

खुजराहो फिल्म फेस्टिवल का वीडियो देखते पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी। Image courtesy : Khajuraho International Film Festival Facebook

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी कर चुके हैं सराहना
बुंदेलखंड की स्थानीय भाषा की फिल्मों के निर्देशक और अभिनेता किशोर चक्रवर्ती ने बताया कि खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का आयोजन स्थानीय भाषा, संस्कृति, परिवेश और पर्यटन की खूबसूरती को दर्शाता है। फेस्टिवल के आयोजन का उद्देश्य बुंदेलखंड के प्रतिभाशाली फिल्म कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। फेस्टिवल में बड़ी संख्या में स्थानीय भाषा की फिल्मों को भी प्रदर्शित किया जाता है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी फेस्टिवल की सराहना कर चुके हैं।…NEXT

 

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