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Happy Teachers’ Day 2019 : बॉलीवुड के वो पांच ‘टीचर’ जिन्होंने अपने स्टूडेंट्स का हाथ थामकर उनकी मुश्किलें कर दी आसान

आज हम सब जीवन में बहुत आगे बढ़ चुके हैं लेकिन जब भी हम पीछे पलटकर देखते हैं, तो हमें बचपन के कुछ ऐसे लम्हें याद आते हैं जिनके बारे में सोचकर हमारे चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। स्कूल के दिन भी ऐसे दिनों में से हैं। वहीं, बॉलीवुड में कई फिल्में ऐसी रही हैं, जिनमे सितारों ने टीचर का रोल किया है। आइए, एक नजर उन किरदारों पर-

Pratima Jaiswal
Pratima Jaiswal 5 Sep, 2019

 

Pic : ‘थ्री इडियट’ फिल्म में प्रोफेसर का किरदार निभाते बोमन ईरानी

 

हिचकी

 

 

रानी मुखर्जी की कमबैक फिल्म ‘हिचकी’ शिक्षक और बच्चों के अनोखे रिश्ते पर आधारित थी। रानी मुखर्जी के अभिनय से सजी यह फिल्म एक ऐसी टीचर के बारे में है, जो अपनी ही गंभीर परेशानी से जूझते हुए अपने स्डूटेंस को उस मुकाम पर ले आती हैं, जहां दुनिया उन्हें सलाम करती है। फिल्म में बेहद खूबसूरती के साथ गुरु शिष्य के रिश्ते को दिखाने की कोशिश की गई है।

 

 तारे जमीन पर

 

 

आमिर खान के निर्देशन में बनी फिल्म ‘तारे जमीं पर’ आज भी अपनी शानदार कहानी क लिए जाना जाता है। 2007 में आई इस फिल्म में आमिर खान और दर्शील सफारी मुख्य किरदार में थे। फिल्म में दर्शिल एक ऐसे बच्चे की भूमिका में दिखे थे, जिसे पढ़ने लिखने में बहुत परेशानी थी। इसके बाद उसके माता-पिता उसे बॉर्डिंग स्कूल भेज देते हैं। यहां उसकी मुलाकात एस ऐसे टीचर होती है जो बिना कुछ बोले उसकी सबसे बड़ी परेशानी को समझ गया। फिल्म में आमिर एक ऐसे अध्यापक के किरदार में थे जिसकी जरूरत हर बच्चे को होती है।

 

ब्लैक

 

 

यह एक संवेदनशील शिक्षक की कहानी है, जो अंधी, मूक-बधिर लड़की की मदद करता है। शिक्षक की भूमिका अमिताभ ने और शिष्या की रानी मुखर्जी ने निभाई थी। शिक्षक और शिष्य कहां तक अपनी भावनाओं को साझा करते हैं, यह इस फिल्म में भावनात्मक तरीके से दिखाया गया है।

 

 3 इडियट्स

 

 

ये फिल्म भले ही स्कूल के बच्चों की कहानी न हो, लेकिन इसमें भी शिक्षा और शिक्षक को साथ लेकर चला गया था। फिल्म में दोस्ती,शिक्षा और एक शिक्षक को महत्व दिया गया था। फिल्म में एक ऐसे स्टूडेंट की कहानी को पेश किया गया, जिसके पास कोई सुविधा न होते हुए उसने वह दुनिया का एक बड़ा साइंटिस्ट बना था। फिल्म की कहानी ने कई छात्रों को प्रेरित किया है। साथ ही कहानी में ये भी संदेश था कि कभी अपने बच्चों के करियर का चुनाव करते समय उनपर कोई दवाब न रखें।

 

 पाठशाला

 

 

फिल्म ‘पाठशाला’ में शाहिद कपूर और आयाशा टाकिया ने मौजूदा समय की स्कूली प्रथाओं के खिलाफ आवाज उठाई थी। फिल्म में बच्चों और शिक्षक का एक अलग प्यार और रिश्ता दिखाया गया था। फिल्म के जरिए ये बताया गय था कि , बच्चे मौजूदा शिक्षा व्यवस्था के बोझ से दबे हुए हैं और बच्चों का विकास सिर्फ पढ़ने से नहीं होगा।…Next

 

 

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