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गुलशन कुमार का सुपर कैसेट्स से टी-सीरीज तक का रोमांचक सफर, अंडरवर्ल्‍ड की धमकी से नहीं डरे थे

अपने जमाने में म्‍यूजिक इंडस्‍ट्री के बादशाह रहे गुलशन कुमार को सफलता पाने के लिए दिनरात एक करना पड़ा। शुरुआती दिनों में वह जूस बेचकर अपने पिता की मदद करते थे। गुलशन के पिता फ्रूट जूस की दुकान चलाते थे। बाद में गुलशन कुमार मशहूर म्यूजिक कंपनी टी सीरीज के निर्माता बने और बॉलीवुड में उनकी तूती बोलने लगी। उनके बढ़ते कारोबार और शोहरत को अंडरवर्ल्‍ड की नजर लग गई और वह कम उम्र में ही दुनिया छोड़कर चले गए। जानते हैं आज ही के दिन जन्मे गुलशन कुमार की जिंदगी के रोचक किस्से।

Rizwan Noor Khan
Rizwan Noor Khan 5 May, 2021

दरियागंज में जूस और ऑडियो कैसेट बेचा
दिल्ली के दरियागंज इलाके में 5 मई 1956 जन्‍मे गुलशन कुमार बचपन से ही महत्वाकांक्षी रहे। किशोरावस्था के दौरान वह अपने पिता के फ्रूट जूस काम में हाथ बंटाने के लिए खुद भी जूस बेचा करते थे। पंजाबी फैमिली के गुलशन कुमार जब बड़े हुए तो उन्होंने आडियो कैसेट बेचने का काम शुरू किया और धंधा जम गया। लोगों की मांग को देखते हुए उन्होंने भांप लिया कि आने वाला वक्त ऑडियो कैसेट का है। इसलिए उन्होंने खुद कैसे बनाने का काम शुरू कर दिया।

दिल्‍ली से नोएडा फिर मुंबई पहुंचे
गुलशन कुमार ने कारोबार को और विस्‍तार देने के लिए दिल्ली से बाहर निकले और 1970 में नोएडा में आडियो कैसेट बनाने के लिए म्यूजिक कंपनी खोली और उसका नाम सुपर कैसेट्स इंडस्ट्री रखा। इंडस्‍ट्री में पैर जमाने के लिए गुलशन कुमार ने अपनी कंपनी को बॉलीवुड से जोड़ने का फैसला किया और मुंबई पहुंच गए। मुंबई में गुलशन कुमार ने अपने काम की शैली में बड़ा बदलाव किया। यहां तक कि उन्होंने अपनी कंपनी का नाम बदलकर टी सीरीज रख दिया। वह बॉलीवुड सिंगर्स के साथ मिलकर काम करने लगे और रीमि​क्स गानों की कैसेट्स बनाने लगे।

पहली ‘मोहब्बत’ और घर घर में शोहरत
गुलशन कुमार खुद भी जबरदस्त गायक थे। उन्होंने खुद के गाए भजनों की कैसेट्स बाजार में उतार दिए। 80—90 के दशक में उनकी कैसेट और भजन घर-घर पहुंच गए। गुलशन कुमार ने कई इंटरव्यू में म्यूजिक को ही अपना पहला प्यार कहा। यही वजह रही कि म्यूजिक पसंद करने वालों के बीच गुलशन कुमार की खास जगह बन गई और वह म्यूजिक इंडस्ट्री का सबसे बड़ा नाम बन गए।

डॉन अबू सलेम ने मांगे 10 करोड़ रुपये
तेजी से सफलता पाने वाले गुलशन कुमार पर अंडरवर्ल्ड की नजर पड़ गई। मुंबई के चर्चित जर्नलिस्ट रहे एस हुसैन जैदी ने अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम पर लिखी अपनी पुस्तक माई नेम इज अबू सलेम में जिक्र किया है अबू सलेम ने गुलशन कुमार से रंगदारी मांगी थी। अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम ने गुलशन कुमार को जान के बदले 10 करोड़ रुपये मांगे थे। गुलशन कुमार ने कहा कि उसे रुपये देने के बजाय वह जम्मू में वैष्णों माता के मंदिर में भंडारा कराएंगे।

गुलशन कुमार को शूटर ने मारी थीं 16 गोलियां
किताब के अनुसार अबू सलेम के शूटर राजा ने 12 अगस्त 1997 को गुलशन कुमार को गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के वक्त गुलशन कुमार मुंबई के जीतेश्वर महादेव मंदिर में पूजा के बाद वहां से लौट रहे थे। तभी शूटर राजा ने गुलशन कुमार के शरीर में 16 गोलियां दाग दी थीं। उसने अबू सलेम को गुलशन कुमार की चीखें सुनाने के लिए फोन भी किया और 10 मिनट तक आन रखा था।…NEXT

 

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