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अग्निपथ योजना विरोध के बीच राहत के लिए आगे आए आनंद महिंद्रा, उग्र प्रदर्शन से बाधित 491 ट्रेन सेवाएं

अग्निपथ योजना को लेकर देश में हर जगह विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। इस कारण विरोध-प्रदर्शन से देश में हुई हिंसा से दुखी महिंद्रा ग्रुप (Mahindra Group) के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा ने अग्रिवीरों को लेकर एक बड़ी घोषणा की है। महिंद्रा ने कहा कि वह प्रशिक्षित और सक्षम अग्रिवीरों को भर्ती करने के लिए तैयार हैं। आनंद ने ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा कि अग्निपथ योजना के चलते देशभर में हो रही हिंसा से वह काफी दुखी हैं।

Geetika Sharma
Geetika Sharma20 Jun, 2022
Anand Mahindra on Agnipath Scheme

क्या बोले आनंद महिंद्रा-
आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) ने कहा कि पिछले साल जब अग्निपथ योजना के पेश किया गया था। मैंने तब भी कहा था और आज एक बार फिर दोहराता हूं कि अग्निवीर्स का अनुशासन और कौशल उन्हें प्रमुख रूप से रोजगार योग्य बनाने में सक्षम होगा। महिंद्रा ग्रुप ऐसे प्रशिक्षित और सक्षम युवाओं को भर्ती करने के अवसर का स्वागत करता है। 14 जून को भारत सरकार की ओर से अग्निपथ योजना की घोषणा की थी।

देशभर में जारी विरोध-
अग्निपथ योजना (Agnipath scheme) के चलते भारतीय युवाओं को चार साल तक के लिए सशस्त्र बलों के नियमित कैडर में देश की सेवा करने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, पंजाब, झारखंड और असम सहित विभिन्न राज्यों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर गाड़ियों व ट्रेनों में आग लगा दी। इसके साथ-साथ निजी व सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

इस होगी इतनी भर्तियां-
इस साल कुल 46 हजार अग्निवीर (Agniveer) को भर्ती किया जाएगा। हालांकि एक शीर्ष सैन्य अधिकारी ने बताया कि भविष्य में यह बढ़कर 1.25 लाख हो जाएगा। सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए सभी नए उम्मीदवारों की प्रवेश आयु 17.5 से 21 साल तक तय की गई है। कोरोना के चलते पिछले दो सालों से भर्ती प्रक्रिया का आयोजन न होने और विरोध के चलते केंद्र सरकार ने 2022 में अग्निवीरों की भर्ती प्रक्रिया के लिए उम्मीदवारों की उम्र 21 साल से बढ़ाकर 23 साल करने की घोषणा की है।

इतने अग्रिवीर होंगे नियमित-
केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना को युवाओं के डिफेंस में शामिल होने के लिए और देश की सेवा करने का सुनहरा अवसर बताया है। अग्निवीरों को ट्रेनिंग (Agniveers training) के साथ 4 सालों की नौकरी के लिए नामांकित किया जाएगा। चार वर्षों के बाद योग्यता, इच्छा और चिकित्सा फिटनेस के आधार पर केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को ही नियमित कैडर में भर्ती किया जाएगा। इसके बाद अगले 15 सालों तक ये 25 प्रतिशत अग्निवीर पूरे समय के लिए देश की सेवा करेंगे।

violence over Agnipath Scheme at various places

योजना नहीं ली जाएगी वापस-
देशभर में विरोध प्रदर्शन के चलते रविवार को सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ करते हुए कहा कि योजना को वापस नहीं लिया जाएगा। इस बीच केंद्र की नई अग्निपथ भर्ती योजना के तहत अग्निवीरों के पहले बैच (first batch of Agniveers) के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 24 जून से शुरू होगी और 24 जुलाई को ऑनलाइन परीक्षा होगी। विरोध प्रदर्शन से देश के कई हिस्सों में रेल सेवाएं बाधित हुई हैं।

कांग्रेस ने ये कहा-
कांग्रेस का कहना है कि यह विवादित भर्ती प्रक्रिया है, जिसमें कई खतरे हैं। साथ ही यह योजना सशस्त्र बलों की लंबे समय से चली आ रही परंपराओं और लोकाचार नष्ट करने वाली है। साथ ही इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि इस योजना के तहत भर्ती किए गए सैनिक बेहतर प्रशिक्षित (Agnipath recruitment scheme) होंगे और देश की रक्षा के लिए प्रेरित होंगे। कांग्रेस ने सरकार से अग्निपथ योजना को स्थगित रखने और सेवारत व सेवानिवृत्त अधिकारियों के साथ विचार विमर्श करने का सुझाव दिया।

रक्षा मंत्रालय में अग्निवीरों को आरक्षण-
कांग्रेस ने सरकार से अग्निपथ योजना को स्थगित (Congress on Agnipath Scheme) रखने, सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करने का आग्रह किया है। अग्निवीरों के भविष्य और उनकी नौकरी की सुरक्षा की चिंताओं को लेकर केंद्र ने आवश्यक पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले अग्निवीरों के लिए रक्षा मंत्रालय में 10 प्रतिशत नौकरियों को आरक्षित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

पूरे देश में रेल सेवाएं बाधित-
इसके साथ ही सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और असम राइफल्स में अग्निवीरों को प्राथमिकता देने का भी निर्णय लिया है। इसके अलावा असम, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक की राज्य सरकारों ने प्रदेश में सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों को प्राथमिकता देने की घोषणा की है। विरोध प्रदर्शन के चलते देशभर में लगभग 491 ट्रेन सेवाएं बाधित (disrupted rail services) हुई हैं।

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