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Shammi Kapoor: रोमांस करना तो इस ‘जंगली’ ने सिखाया

Special Days

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तुम सा नहीं देखा, जंगली, तीसरी मंजिल, प्रोफेसर और ब्रम्हचारी जैसी सुपरहिट फिल्में देने वाले मशहूर अभिनेता शम्मी कपूर ऐसे अभिनेता रहे हैं जिन्होंने उमंग और उत्साह के भाव को बड़े परदे पर बेहद ही रोमांटिक अंदाज में पेश किया. आइए जानते हैं उनसे संबंधित कुछ रोचक बातें.


shammi kapoorएक जुदा अंदाज

कई बार किसी अभिनेता को पता नहीं होता कि वह क्या कर रहा है. शम्मी कपूर के साथ भी ऐसा ही था. शुरुआत में उन्हें कभी भी अपने अंदाज को लेकर कुछ नया करने का मौका नहीं मिला लेकिन फिल्म ‘तुम सा नहीं देखा’ में उन्होंने एक नए तरह का प्रयोग किया. कहते है शम्मी कपूर को संगीत बहुत ही ज्यादा पसंद था. ‘तुम सा नहीं देखा’ फिल्म के संगीत ने उन्हें बहुत ही ज्यादा प्रभावित किया. बाद में इसी संगीत ने उन्हें एक नया अंदाज दिया.


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संगीत के दीवाने

शम्मी कपूर को डांस करना नहीं आता था लेकिन उन्हें संगीत का बहुत ही ज्यादा शौक था. संगीत उनके अंदर बचपन से ही था. फिल्मों में आने से पहले शम्मी कपूर पिता पृथ्वीराज कपूर के पृथ्वी थिएटर से जूनियर आर्टिस्ट के रूप में 1948 में जुड़े थे. उस दौरान वह अपने पिता के साथ थिएटर करने के लिए अगल-अलग जगह जाया करते थे. तब खाली वक्तों में संगीत उनके साथ होता था. यही से उन्होंने संगीत को पहचाना.


मधुबाला के शम्मी भी दीवाने

मधुबाला की खूबसूरती किसी से छिपी नहीं हैं. इनकी सुंदरता के चर्चे आज भी किए जाते हैं. मधुबाला जब फिल्मों में थी तो उनके चाहते वालों में दिलीप कुमार जैसे बड़े अभिनेता थे लेकिन शम्मी कपूर भी मन ही मन मधुबाला पसंद किया करते थे. वह भी उनकी खूबसूरती के दीवाने थे.


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बॉलिवुड के असली फ्लर्टर

शम्मी कपूर से पहले हीरो बेहद पारंपरिक थे. लड़की के साथ मजाक-मस्ती भी बेहद सलीके से हुआ करता था. लेकिन इस छवि को तोड़ा शम्मी कपूर साहब ने. लड़की को छेड़ते हुए ‘याहू चाहे कोई मुझे जंगली कहे’ जैसा गाने का कारनामा शम्मी कपूर ने ही किया. निजी जीवन में बेहद बिंदास रहने वाले शम्मी जी ने अपनी इसी छवि को फिल्मों में भी कैश कराया.


करना था कुछ अलग

पृथ्वीराज कपूर के बेटे और शोमैन राज कपूर के भाई होने के नाते शम्मी के सामने अपनी अलग पहचान बनाने की चुनौती थी क्योंकि अदाकारी में कदम रखते ही उन पर उम्मीदों का बोझ पड़ गया था. शम्मी जानते थे कि उनके भाई पहले से ही सुपरस्टार और चर्चित फिल्म निर्माता हैं, इसलिए उनकी अपने भाई के साथ तुलना जरूर की जाएगी. उन्हें पता था कि अगर वह खुद को साबित करना चाहते हैं तो उन्हें अपने भाई से कुछ अलग करके दिखाना होगा.


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