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विजय शंकर ने कहा धोनी से मिली ये बड़ी सीख, हैरान था जब तीसरे नंबर पर भेजा गया

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे के लिए हार्दिक पांड्या के विकल्प के रूप में भारतीय टीम में शामिल किए गए ऑलराउंडर विजय शंकर ने अपने शानदार खेल की बदौलत विश्वकप 2019 की टीम में शामिल होने का मजबूत दावा पेश किया है। बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने हाल ही में कहा कि विजय शंकर, ऋषभ पंत और अजिंक्य रहाणे विश्व कप (World Cup 2019) की टीम में जगह बना सकते हैं. प्रसाद के इस बयान के बाद विजय शंकर से उम्मीदें बढ़ गई हैं। वहीं विजय शंकर को लगता है कि ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे की उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि महेंद्र सिंह धोनी से लक्ष्य का पीछा करने की कला सीखना है। शंकर ने न्यूजीलैंड दौरे के दौरान बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया, अब वो भारत लौट चुके हैं और उन्होंने अपने अनुभव को साझा किया और कई सारी बातें बताईं।

Shilpi Singh
Shilpi Singh 13 Feb, 2019

 

 

धोनी को देखकर मैंने काफी कुछ सीखाशंकर

शंकर ने न्यूजीलैंड दौरे के दौरान बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया और वह धोनी की तरह मैच को खत्म करना चाहते हैं। सोमवार को स्वदेश लौटे शंकर ने इंटरव्यू में कहा, ‘मैं सीनियर खिलाड़ियों का साथ पाकर खुश था, उन्हें केवल मैच की तैयारियां करते हुए देखना ही सीख है। धोनी को लक्ष्य का पीछा करते हुए देखकर मैंने काफी कुछ सीखा। मैंने विशेषकर लक्ष्य का पीछा करते हुए पारी को कैसे आगे बढ़ाना है, इसको लेकर काफी कुछ सीखा। मैंने उनकी मानसिकता से सीख ली’।

 

 

सीनियर को देखना और उनसे सीखना महत्वपूर्ण है

शंकर ने आगे कहा कि धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करना उनके लिये सपने जैसा था। शंकर ने कहा, विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करना बहुत अच्छा अनुभव रहा। टीम के सीनियर को देखना और उनसे सीखना महत्वपूर्ण है’।

 

 

हैरान था  जब तीसरे नंबर पर भेजा गया

शंकर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी टी20 मैच में तीसरे नंबर पर उतारे जाने पर हैरानी जतायी थी लेकिन उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन ने श्रृंखला शुरू होने से पहले उन्हें इस बारे में बताया था। उन्होंने कहा, ‘मैं हैरान था लेकिन साथ ही खुश भी था कि मुझे तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिये कहा गया है। मुझे श्रृंखला शुरू होने से पहले बताया गया था कि मुझे वन-डाउन पर बल्लेबाजी करने के लिये भेजा जा सकता है। टी-20 में आपके पास क्रीज पर पांव जमाने के लिये पर्याप्त समय नहीं होता और आपका दृष्टिकोण सकारात्मक होना चाहिए’।

 

 

मुझे तेजी से सीखने की जरुरत है – शंकर

शंकर को निराशा है कि वह तीसरे टी20 में टीम को जीत नहीं दिला पाये। शंकर ने कहा, ‘मेरा मानना है कि मुझे कुछ और रन बनाने चाहिए थे। इसके अलावा तीसरे वनडे में टीम को जीत नहीं दिला पाने पर मुझे निराशा हुई। मेरे पास मौका था। यह मेरे लिये सीखने का अच्छा अवसर था। मुझे तेजी से सीखने और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है’।…Next

 

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