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इनकी बैटिंग स्टाइल आज युवाओं के लिए कॅरियर है

भारत के दो क्रिकेट दिग्गज राहुल द्रविड और सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने जब फिरोजशाह कोटला मैदान में टी-20 क्रिकेट से अंतिम बिदाई ली मानो ऐसा लगा जैसे एक युग की समाप्ती हो गई. हालांकि सचिन तेंदुलकर अभी भी टेस्ट क्रिकेट खेल रहे हैं जबकि राहुल द्रविड ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है.


क्रिकेट के इन दो महान खिलाड़ियों को न केवल भारतीय दर्शकों ने बल्कि दुनिया के क्रिकेट प्रशंसकों ने कई सालों तक मैदान पर खेलते हुए देखा है. इनकी बैंटिग स्टाइल आज युवाओं के लिए एक बेहतर कॅरियर साबित हो रही है. इन्होंने क्रिकेट में जो पैमाने सेट किए है उसे शायद ही कोई दूसरा स्थापित कर पाए.


इनकी महानता को देखते हुए फिरोजशाह कोटला मैदान में चैंपियंस लीग टी-20 फाइनल के दौरान उनकी टीम (मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स) के साथियों ने ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया था. सचिन ने अपने टी 20 कॅरियर में कुल 2792 रन बनाए जबकि द्रविड़ सिर्फ एक रन बनाकर आउट हुए. द्रविड़ ने इस फॉर्मेट में कुल 2586 रन बनाए.


सचिन और द्रविड ने टेस्ट क्रिकेट में 19 बार ऐसी पार्टनरशिप की जिसमे उन्होंने 100 से अधिक रन बनाए. 1999 के एकदिवसीय विश्वकप में सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ ने न्यूजीलैंड के खिलाफ हैदराबाद में 331 रनों की सर्वाधिक साझेदारी का रिकॉर्ड बनाया. इस मैच में सचिन ने सलामी बल्लेबाज के तौर पर 186 जबकि राहुल द्रविड ने 153 रन बनाए. आइए इसी मैच की एक झलक देखते हैं.



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