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पूर्व कप्तान धोनी ने तोड़ी चुप्पी, कहा इसलिए वनडे टीम की छोड़नी पड़ी थी कप्तानी

Shilpi Singh
Shilpi Singh 14 Sep, 2018

एमएस धोनी ने जब कप्तानी छोड़ी थी तो न केवल क्रिकेट जगत बल्कि भारतीय क्रिकेट टीम के फैंस भी इस बात से बेहद हैरान थे। धोनी ने भारतीय क्रिकेट को नई पहचान दिलाई थी और वो भारत के पहले ऐसे कप्तान रहे हैं जिन्होंने आईसीसी क्रिकेट विश्व कप, टी20 विश्व कप और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने का रिकॉर्ड बनाया है। 2017 में एमएस धोनी ने सीमित ओवर की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया और विराट कोहली को उनका उत्तराधिकारी बनने का मौका दिया। ऐसे में जाहिर है कि जब उन्होंने कप्तानी को अलविदा कहा तो सभी हैरान थे। लेकिन किसी के पास भी इसका जवाब नहीं था अब आखिरकार धोनी ने इसका जवाब दिया है।

 

 

अचानक छोड़ी थी टेस्ट की कप्तानी

धोनी के इस फैसले ने टीम इंडिया के फैंस को हैरान कर दिया। हालांकि, यह पहला मौका नहीं था जब धोनी ने अचानक ही कप्तानी छोड़ी हो। 2014 में धोनी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बीच टेस्ट सीरीज में ही कप्तानी छोड़ी और साथ ही साथ क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप को अलविदा कह दिया। इसी के मद्देनजर धोनी ने जब सीमित ओवर की कप्तानी छोड़ी, तो फैंस के मन में सवाल उठा कि वह दबाव में कप्तानी छोड़ रहे हैं या फिर कारण उनके संन्यास की तरफ इशारा कर रहा है।

 

 

1 साल बाद कप्तानी छोड़ने पर दिया जवाब

जनवरी, 2017 में एम एस धोनी ने अचानक वनडे टीम की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया था। उस समय हर कोई धोनी के इस फैसले से चौंक गया था और धोनी से इसका कारण पूछा था। लेकिन धोनी ने किसी भी सवालों के जवाब नहीं दिए थे। लेकिन अब 1 साल से भी ज्यादा समय के बाद धोनी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और वो कारण बताया है जिसकी वजह से उन्होंने कप्तानी से इस्तीफा दिया। धोनी ने कहा, ‘मैंने कप्तानी से इसलिए इस्तीफा दिया क्योंकि मैं चाहता था नए कप्तान को विश्व कप तक तैयारी का पूरा मौका मिल जाए’।

 

 

विश्व कप के लिए छोड़ दी कप्तानी

धोनी ने आगे कहा, “विश्व कप के लिए नये कप्तान को वक्त चाहिए होता और इसलिए मैंने कप्तानी छोड़ दी थी। नये कप्तान को बिना कोई समय देना मजबूत टीम का चयन करने का कोई मतलब नहीं बनता। इसलिए मैंने कप्तानी छोड़ दी थी। मेरा मानना है कि मैंने बिल्कुल सही समय पर कप्तानी छोड़ी थी।”

 

 

सफल कप्तान थे धोनी

धोनी ने भारत के लिए 199 वनडे मैचों में कप्तानी की थी। इस दौरान भारत ने 110 मैचों में जीत हासिल की और 74 में टीम को हार झेलनी पड़ी थी। वहीं, 4 मुकाबले टाई और 11 का कोई नतीजा नहीं निकल सका था। साफ है कि धोनी ने भारत के भविष्य के लिए कप्तानी पद छोड़ा था और कप्तानी पीछे छोड़ने के पीछे उनका मकसद ये था कि कोहली को 2019 विश्व कप से पहले तैयारी करने का पूरा समय मिल जाए।

 

 

एशिया कप में धोनी आएंगे नजर

इंग्लैंड से वनडे मुकाबले खेलने के बाद धोनी स्वदेश वापस लौट आए थे। वहीं, अब धोनी लंबे आराम के बाद एशिया कप में नजर आएंगे जो कि 15 सितंबर से शुरू हो रही है। भारत का पहला मुकाबला हांगकांग से 18 व दूसरा मुकाबला 19 सितंबर को पाकिस्तान के साथ होना है। ऐसे में सभी की निगाहें एमएस धोनी पर होंगी।

 

 

सवालों के घेरे में थे इस्तीफा

जब धोनी ने इस्तीफा दिया तो उस वक्त माना जा रहा थ कि टीम के खराब  प्रर्दशन और धोनी के खुद के गिरते ग्राफ के कारण शायद बीसीसीआई ने उन्हें कप्तानी पद से हटने के लिए दबाव बनाया होगा। सीसीआई चयन समिति के अध्यक्ष एमएसके प्रसाद ने नागपुर में झारखंड और गुजरात के मुकाबले के दौरान एमएस धोनी से मुलाकात की और शाम धोनी ने कप्तानी से इस्तीफा दे दिया। इसके कुछ देर बाद एमएसके प्रसाद का बयान आया मैं धोनी के सेल्यूट करता हूं, कप्तानी छोड़ने की उनकी टाइमिंग सही है। वो जानते हैं कि टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन के बाद विराट कोहली तैयार है। उस दौरान खबरें थी की चीफ सेलेक्टर्स एमएसके प्रसाद और बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी ने इस बारे में कई बार धोनी से बात की थी कि अब 2019 के वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए टीम तैयार करने का वक्त आ गया है।…Next

 

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