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न कोई सिलवट न दाग कोई !!

हिन्दी सिनेमा का सफरनामा

हिन्दी सिनेमा का सफरनामा

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ऐसी कल्पना करना ही व्यर्थ है कि जिंदगी का सफर केवल सुख भरे दिनों में व्यतीत हो। जब जिंदगी है तो सुख-दुख लगे ही रहते हैं। इसी बात पर गुलजार की लिखी हुई कुछ पक्तियां याद आ जाती है:


मैं जब छांव छांव चला था अपना बदन बचा कर
कि रूह को एक खूबसूरत जिस्म दे दूँ
न कोई सिलवट न दाग कोई
न धूप झुलसे, न चोट खाए
न जख्म छुए, न दर्द पहुंचे
बस एक कोरी कंवारी सुबह का जिस्म पहना दूँ, रूह को मैं


मगर तपी जब दोपहर दर्दों की, दर्द की धूप से
जो गुजरा……
तो रूह को छांव मिल गई है

मजबूरी में मुमताज जया जैसी अभिनेत्रियों को फिल्में दी गईं !


सुख-दुख कभी भी यह देखकर व्यक्ति की किस्मत के दरवाजे पर दस्तक नहीं देते कि वो गरीब है या अमीर। कुछ ऐसा ही हाल बॉलीवुड का रहा है। कुछ ऐसे हिन्दी सिनेमा के स्टार्स रहे जिन्होंने मेहनत से अपनी किस्मत को बदल दिया और बॉलीवुड के सुपरस्टार बन गए पर उनकी जिंदगी में भी एक समय ऐसा आया जब उन्हें सुपरस्टार होने के बाद भी अपनी किस्मत को कोसना पड़ गया।


राज कपूर को हिन्दी सिनेमा का सुपरस्टार माना जाता है पर उनके एक फैसले के कारण उन्हें दिवालियेपन का सामना करना पड़ा था। राज कपूर का मानना था कि वो फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ में कई सालों तक मेहनत करेंगे और उसके बाद ही फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर रिलीज करेंगे। छ: सालों के बाद फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुई पर फिल्म में जितना पैसा लगा उसके अनुसार कमाई नहीं कर पाई। राज कपूर को फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ के कारण ही दिवालियेपन का सामना करना पड़ा।

शोले और जंजीर में अमिताभ को नहीं ‘इन्हें’ होना था !!


बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने भी साल 2000 से पहले दिवालियेपन का सामना किया था। आज भले ही उनके पास पैसों की कमी नहीं है पर एक दिन ऐसा आया था जब उन्होंने भी अपनी किस्मत को कोसा था। बिग बी ने एक कंपनी खोली थी ‘एबीसीएल’ (अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड) लेकिन बाद में टैक्स और कानूनी पचड़ों में फंसकर उन्हें इस कंपनी को बंद करना पड़ गया था। इस दिवालियेपन के बाद कुछ सालों तक अमिताभ की किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया पर फिर बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ‘मोहब्बतें’ सुपरहिट रही जिसके बाद उनकी किस्मत दुबारा चमक गई।


अमिताभ बच्चन और राज कपूर ही ऐसे नाम नहीं हैं जिन्होंने दिवालियापन देखा हो बल्कि ‘ए. के. हंगल’, ‘जैकी श्रॉफ’ और ‘जगदीश माली’ जैसे कलाकारों ने मशहूर होने के बाद भी पैसों की कमी वाले दिन देखें। ए. के. हंगल की जिंदगी में तो ऐसा समय भी आया था जब वो अपनी दवाई के बिल चुकाने में भी असमर्थ हो गए थे। जैकी श्रॉफ के बारे में तो यह भी कहा जाता है कि उन्होंने एक समय में फिल्म निर्माता साजिद नाडियावाला से पैसे उधार लिए थे जिसे वो सालों बाद भी वापस नहीं कर पाए थे। मशहूर फोटोग्राफर जगदीश माली को अभिनेत्री मिंक बरार ने भिखारियों के बीच तक बैठे हुए देखा था। अब आप इस बात से स्वयं ही अंदाज लगा सकते हैं कि किस्मत का फेरबदल कब हो जाए यह कोई नहीं जानता है।


अब प्यार से ज्यादा ब्रेकअप में मजा आता है !!

इस घराने के लोग प्रेमी तो अच्छे साबित होते हैं पर पति नहीं

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