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रेल बजट 2012-13: सस्पेंस और ख्यालों से भरा एक सपना

वित्त व बजट

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Rail Budget 2012-2013

साल 2012-13 के लिए रेल बजट की घोषणा हो चुकी है. इस बजट को जहां कुछ लोग एक “साहसी” बजट का तमगा दे रहे हैं तो कुछ इसे बेकार मान रहे हैं. लेकिन अगर कुल मिलाजुला कर देखा जाए तो यह रेल बजट जनता और रेलवे दोनों को बेहद संतुलित रखते हुए बनाया गया है पर कहते हैं ना कि राजनीति की बिसात पर अक्सर अच्छे मोहरे मारे जाते हैं. यहां भी ऐसा ही हुआ. रेलवे पर बढ़ते बोझ और सुविधाओं को दुरुस्त करने की राह पर रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने बेहद मामूली बढ़ोत्तरी की लेकिन यह बढ़त भी सरकार के बेहद करीबी सहयोगी तृणमूल कांग्रेस को पसंद नहीं आई और भारत के इतिहास में पहली बार एक रेल मंत्री को रेल बजट पेश करने के 24 घंटों के अंदर ही उसके पद से हटा दिया गया. आइए एक झलक डालें आखिर रेल बजट 2012-13 में है क्या:


Budget, Rail Budgetनौ साल के बाद पहली बार बढ़े किराए, लेकिन बेहद कम

रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने वित्त वर्ष 2012-13 के रेल बजट में किराए में वृद्धि की घोषणा की है. उन्होंने स्लीपर से लेकर एसी गाड़ियों में पांच से तीस पैसे प्रति किलोमीटर तक किराए में वृद्धि की घोषणा की है. कुल मिलाकर यह वृद्धि पांच रुपये तक होगी. रेलवे ने करीब नौ साल के बाद पहली बार यह वृद्धि की गई है.


INDIAN RAILWAYभारतीय रेलवे पर एक नजर

भारतीय रेल 64,000 किमी मार्ग के साथ विश्व का तीसरा सबसे बड़ा नेटवर्क है. इस नेटवर्क पर प्रतिदिन 12,000 यात्री रेलगाड़ी एवं 7,000 मालगाड़ियां क्रमश: 230 लाख यात्रियों एवं 26.5 लाख टन सामान की ढुलाई करती हैं. रेलवे को वर्ष 2012-13 में रेलवे यात्री किराए से 36 हजार करोड़ रुपये आय होने की उम्मीद है.


Rail Budget 2012-13: रेल बजट 2012-13

– एसी थ्री के किराए में दस पैसे, टू टायर में पंद्रह पैसे, एसी फ‌र्स्ट में तीस पैसे और स्लीपर में पांच पैसे की वृद्धि की गई है.

– रेलवे 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि [2012-17] में 7.35 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी. पिछली योजना अवधि में रेलवे ने 1.92 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया था.

– 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि में ढांचागत संरचना पर होने वाले अनुमानित 20 लाख करोड़ रुपये के खर्च का 10 फीसदी हिस्सा रेलवे को हासिल करना होगा.

– रेलवे को 12वीं योजना अवधि में 2.5 लाख करोड़ रुपये के कुल बजटीय सहायता की उम्मीद.

– आधुनिकीकरण के लिए धन जुटाने संबंधी तंत्र बनाने की सामूहिक चुनौती.

– रेलवे को सकल घरेलू उत्पादन में दो फीसदी योगदान करना होगा जो अभी एक फीसदी है.

– सुरक्षा पर ध्यान. विश्व की सबसे सुरक्षित नेटवर्को में शामिल करने का लक्ष्य.

– दुर्घटना को 0.55 से घटाकर 0.17 पर लाने का लक्ष्य हासिल.

– सुरक्षा मानकों के लिए एक विशेष संगठन की स्थापना.

– स्वायत्तता रेलवे सुरक्षा प्राधिकरण की स्थापना.

– आधुनिकीकरण के लिए 5.60 लाख करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत

– वर्ष 2012-13 के लिए 60,100 करोड़ रुपये के खर्च का प्रावधान, जो अब तक का सर्वाधिक है.

– रेलवे को 10 सालों में आधुनिकीकरण के लिए 14 लाख करोड़ रुपये की जरूरत

– संचालन अनुपात को 90 फीसदी से घटाकर 2012-13 में 84.9 फीसदी करने तथा 2016-17 तक 72 फीसदी पर लाने का लक्ष्य.

– रक्षा नीति और विदेश नीति की तरह राष्ट्रीय रेल नीति बनाने का समय आ चुका है.

– हर साल दस खिलाडियों को रेल खेल रत्न पुरस्कार दिए जाएंगे.

– 2012-13 के दौरान रेलवे में एक लाख नई भर्तियां.

– रेलवे बोर्ड का पुनर्गठन किया जाएगा.

– रेलवे बोर्ड में दो नए सदस्य नियुक्त किए जाएंगे.

– 2012-13 में 21 नई ट्रेनें चलाई जाएंगी.

– सिख तीर्थस्थलों अमृतसर, पटना साहिब और नादेड को जोडने वाली विशेष गुरू परिक्रमा ट्रेन.

– मुंबई में 75 नई उपनगरीय ट्रेनें.

– 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान हेरिटेज रेल लाइनों को छोडकर बाकी सभी मीटर गेज और नैरो गेज लाइनों को ब्राड गेज में तब्दील कर दिया जाएगा.

– भारतीय रेल को नेपाल और बांग्लादेश से जोडा जाएगा.

– सभी गरीब रथ ट्रेनों में विकलांगों के लिए एक विशेष वातानुकूलित कोच.

– अगले साल 2500 कोचों में लगेंगे ग्रीन टायलेट.

– 75 नई एक्सप्रेस और सवारी गाडिया अगले वित्त वर्ष के दौरान चलाई जाएंगी.


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