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बजट 2011-12 : खुल गया पिटारा

वित्त व बजट

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वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने आज संसद में देश का 80वां बजट पेश किया. हमेशा की तरह जहां सरकार बचाने के लिए कई क्रीमी प्लान्स आए तो कई निराशाओं का बोनस भी आया.

Budget2011-1_1298893515_mसंसद में अब तक 79 बजट भाषण दिए गए. इनमें अंतरिम   एवं विशेष स्थिति में बजटीय प्रस्ताव शामिल हैं. देश का पहला आम बजट 26 नवंबर,1947 को तत्कालीन वित्त मंत्री आर.के.षणमुखम ने पेश किया था. वर्ष 2011-12 का आम बजट पेश करने के बाद मुखर्जी उन लोगों की फेहरिस्त में शामिल हो गए, जिन्होंने संसद में छह बार बजट भाषण दिया. ऐसे लोगों में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और देश के चौथे वित्त मंत्री टीटी. कृष्णमचारी शामिल हैं. सबसे अधिक 10 बजट मोरारजी देसाई ने पेश किए. पी. चिदंबरम, यशवंत सिन्हा, वाईबी. चह्वाण और सीडी. देशमुख उन लोगों में हैं, जिन्होंने सात बार बजट पेश किया.


देश की अर्थव्यवस्था के वैश्विक आर्थिक संकट से पूर्व की स्थिति में पहुंचने का जिक्र करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2011-12 के लिए आम बजट पेश करते हुए भाषण की शुरुआत की.


अपने शुरुआती भाषण में मुखर्जी ने कहा, ‘हम उच्च विकास और चुनौतियों से भरपूर एक महत्वपूर्ण वर्ष के अंत में हैं. वर्ष 2010-11 में विकास दर अच्छी रही. अर्थव्यवस्था संकट से पूर्व की स्थिति में पहुंच गई है.’


उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उच्च विकास दर बनाए रखना, विकास में भागीदारी बढ़ाना और संस्थाओं की प्रासंगिकता को बढ़ाना हमारी तीन प्रमुख प्राथमिकताएं हैं.


75 वर्षीय मुखर्जी का यह छठा आम बजट है. संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार में वित्त मंत्री के रूप में यह उनका तीसरा बजट है. उन्होंने वर्ष 1982 से 1984 के बीच तीन बार बजट पेश किया था.


वर्ष 2011-12 के आम बजट के मुख्य विशेषताएं


व्यक्तिगत करदाताओं को 20 हजार रुपए की राहत देते हुए समान श्रेणी के लिए कर छूट की सीमा 1,60,000 रुपये से बढ़ाकर 1,80,000 रुपये करने का प्रस्ताव.


इंदिरा गाधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना की पात्रता आयु 65 से घटाकर 60 साल करने का प्रस्ताव और 80 साल से अधिक उम्र के लोगों की पेंशन 200 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 500 रुपये करने का प्रस्ताव.


  • दीर्घावधि बांड में 20,000 रुपये की अतिरिक्त छूट जारी रखने का प्रस्ताव.
  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का पारिश्रमिक 1500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर पहली अप्रैल 2011 से 3,000 रुपये करने का प्रस्ताव.
  • शिक्षा के लिए आवंटन में 24 प्रतिशत वृद्धि और सर्वशिक्षा अभियान के लिए पिछले वर्ष की तुलना में 40 प्रतिशत की वृद्धि करके 21,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव.
  • गुरूदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की 150वीं जयंती के अवसर पर भाइचारे की भावना को बढ़ावा देने के लिए एक करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार की घोषणा.
  • रक्षा सेवाओं के लिए 69,199 करोड़ रुपये की पूंजीगत व्यय सहित 1,64,415 करोड़ रुपये का प्रावधान.
  • पहली अक्तूबर 2011 से प्रतिदिन 10 लाख यूआईडी [विशिष्ट पहचान पत्र] संख्या जारी करने की योजना.
  • भ्रष्टाचार से निपटने के उपायों पर विचार करने के लिए मंत्रिसमूह का गठन.
  • सकल कर प्राप्तियां 9,32,400 करोड़ रुपये होने का अनुमान.
  • कर भिन्न राजस्व प्राप्तियां 1,25,425 करोड़ रुपये होने का अनुमान.
  • 1257729 करोड़ रुपये के कुल व्यय का प्रस्ताव.
  • आयोजन व्यय में 18.3 प्रतिशत वृद्धि.
  • आयोजन भिन्न व्यय में 10.93 प्रतिशत वृद्धि.
  • राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 5.5 प्रतिशत से घटाकर 5.1 प्रतिशत किया गया.
  • राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 5.5 प्रतिशत.
  • कर के दायरे में आने वाली 130 वस्तुओं पर एक प्रतिशत का केंद्रीय उत्पाद शुल्क.
  • केंद्रीय उत्पाद शुल्क की दर 4 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव.
  • सीमा शुल्क की वर्तमान दर बरकरार.
  • 1,000 रुपये प्रतिदिन के होटल आवास और शराब परोसने संबंधी लाइसेंस वाले एसी रेस्तरा पर सेवाकर लगेगा.
  • 25 अथवा उससे अधिक बिस्तरों वाले सेंट्रली एसी अस्पतालों पर भी सेवाकर.
  • निवेश के क्षेत्र में जीवन बीमा कंपनियों की बीमा पॉलिसी पर सेवाकर लगाने का प्रस्ताव.
  • सभी व्यक्तियों और 60 लाख रुपये तक के कारोबार वाले एकल प्रोपराइटर को लेखा परीक्षा की औपचारिकता से छूट.
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक इसी वर्ष के दौरान संसद में पेश किया जाएगा.
  • कक्षा 9 और 10 के अनुसूचित जाति और जनजाति के विद्यार्थियों के लिए मैट्रिक पूर्व छात्रवृत्ति योजना शुरू होगी, जिससे लगभग 40 लाख छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा.
  • बजट में अनुसूचित जातियों के लिए उपयोजना और जनजातियों के लिए विशेष आवंटन.
  • अनुसूचित जातियों और जनजातियों को छोड़कर जातियों की गणना अलग से कराने का प्रस्ताव.
  • आप्टिकल फाइबर बैकबोन केच् जरिए उच्चतर शिक्षा और शोध के सभी 1500 संस्थानों को मार्च 2012 तक आपस में जोड़ना.
  • राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत आवंटन बढ़ाकर 7860 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव.
  • वर्षा से खेती वाले लगभग 60,000 गांवों में दलहन खेती को बढ़ावा देने के लिए 300 करोड़ रुपये का आवंटन.
  • सब्जियों के प्रतिस्पर्धात्मक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए 300 करोड़ रुपये का आवंटन.
  • भारत निर्माण कार्यक्रम के लिए आवंटन 10,000 करोड़ रुपये बढ़ाने का प्रस्ताव.
  • तीन वर्ष में सभी ढाई लाख पंचायतों को ग्रामीण ब्राडबैंड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की योजना.
  • स्वास्थ्य के लिए योजना आवंटन में 20 प्रतिशत वृद्धि.
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव.
  • वर्ष 2011-12 के दौरान 2,000 से अधिक आबादी वाली सभी 73,000 बस्तियों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य.
  • गंगा के अलावा कुछ अन्य महत्वपूर्ण नदियों और झीलों की सफाई के लिए 200 करोड़ रुपये के विशेष आवंटन का प्रस्ताव.
  • पूर्वोत्तर क्षेत्र और विशेष श्रेणियों के राज्यों में विकास को बढ़ावा देने के लिए विशेष सहायता दोगुनी की गई.
  • प्रधानमंत्री की पुनर्निर्माण योजना के तहत जम्मू कश्मीर की विकासात्मक आवश्यकताओं के लिए वर्तमान वर्ष में 8,000 करोड़ रुपये और राज्य के लद्दाख तथा जम्मू क्षेत्र में बुनियादी ढांचे संबंधित जरूरतों के लिए क्रमश: 100 और 150 करोड़ रुपये का आवंटन.
  • पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि के तहत आवंटन में 35 प्रतिशत से अधिक वृद्धि.
  • वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों की समस्याएं दूर करने के लिहाज से एकीकृत कार्ययोजना के लिए निधियों का आवंटन.
  • बिजली से चलने वाले वाहनों के निर्माताओं द्वारा आयातित बैटरियों को बुनियादी शुल्क से छूट.
  • सौर लालटेन पर बुनियादी सीमा शुल्क 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव.
  • कृषि उपज के भंडारण और भंडार गृह सुविधाओं संबंधी उपकरणों के लिए उत्पाद शुल्क के छूट का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव.
  • चिकित्सा के आधार पर सेवानिवृत्त रक्षा और अर्द्ध सैनिक बलों के कार्मिकों को 100 प्रतिशत विकलांगता के लिए 9 लाख रुपए की एकमुश्त अनुग्रह क्षतिपूर्ति.
  • विधि संबंधी बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए आयोजना प्रावधान में तीन गुना वृद्धि कर एक हजार करोड़ रुपए का प्रावधान.

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