Menu
blogid : 23122 postid : 1341096

‘कोरोना वायरस’ दुनिया का नया खतरा

सामाजिक मुद्दे

  • 24 Posts
  • 33 Comments

चीन में कोरोना वायरस से इमरजेंसी की स्थिति पैदा हो गयी है। चीन ने वुहान शहर की 4 से 5 करोड़ आबादी को लॉक आउट कर दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चीन में लेवल 3 की इमरजेंसी घोषित कर दी है। चीन के वुहान शहर से फैले इस वायरस ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। भारत सहित कई पड़ोसी देश वायरस को लेकर सतर्क हैं और एहतियात के तौर पर इन देशों में भी वायरस से लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है।

चीन का वुहान शहर अपने खान पान को लेकर दुनिया भर में प्रसिद्ध है। वैसे भी चीन के लोग नॉनवेज खाने के मामले में सबसे आगे माने जाते हैं।  जानवरों और पक्षियों की सबसे अधिक प्रजातियों का सेवन भोजन के रूप में चीन में किया जाता है कच्चे और पके मांस के साथ चीन के लोग जानवरों के सूप के खासे शौकीन माने जाते हैं। दुनिया में तेज़ी से यह खबर फ़ैली है कि यह चमगादड़ का सूप पीने से मनुष्य में प्रवेश किया है। हालांकि, चीन के वैज्ञानिकों और दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने इस तथ्य पर कोई अधिकृत सहमति नहीं दी है।
वाशिंगटन पोस्ट में एक सीनियर एडिटर ने शंका जाहिर की है कि कहीं यह वायरस चीन के बायोलॉजिकल वेपन प्रोग्राम का परिणाम तो नहीं है। यह भी विचारणीय है कि इसी शहर में वुहान इंस्टिट्यूट ऑफ विरोलॉजि है जो सरकार के साथ मिलकर बायोलॉजिकल वेपन पर काम कर कर रही है तो क्या यह वायरस लैब टेस्टिंग के दौरान एक्सीडेंटली पैदा हुआ है? क्योंकि जिस तरह चीन ने इस वायरस की खबर दबाना संदेह पैदा करता है।
कोरोना वायरस का पहला मामला 8 दिसंबर को सामने आया था पर सरकार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। 5 जनवरी तक 59 लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके थे और एक मौत भी हो गयी परंतु चीन सरकार ने अपने नागरिकों को आगाह करने के लिए कोई सलाह जारी नहीं की और न ही सरकारी तौर पर कोई हलचल दिखी। मीडिया से भी इस खबर को हटवा दिया गया।  20 जनवरी को जब यह बात सोशल मीडिया और नेट से बाहर निकली तब सरकार ने इसे सार्वजनिक किया। तब तक काफी देर हो चुकी थी और लगभग 136 लोग वायरस की चपेट में आ गए थे।
अगर यह वायरस वास्तव में किसी बायोलॉजिकल वेपन का परिणाम था तो पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है क्योंकि ऐसे कार्यक्रम पूरी दुनिया को मौत के मुंह मे धकेल सकते हैं और अगर यह प्राकृतिक रूप से पैदा हुआ है तब भी चीन को अपने अहम को त्याग कर अन्य देशों की मदद लेनी चाहिए। इस वायरस से चीन अकेले लड़ तो सकता है पर तब तक लाखों लोग मर चुकेंगे। इस वायरस के वैक्सीन को बनने में अभी महीनों लग जाएंगे उसके बाद पहली टेस्टिंग होगी वह सफल रहेगी या असफल यह बता पाना असंभव है। उसके बाद उसका लार्ज प्रोडक्शन होगा और तब जाकर लोगों का समुचित इलाज हो पायेगा।
कोरोना वायरस किस जानवर से फैल रहा है यह अभी तक रहस्य ही है इससे होने बाली वीमारी के स्पष्ट लक्षणों की भी अभी पुष्टि नहीं हो सकी है। हाल फिलहाल इसे फैलने से रोकना ही एक मात्र उपाय है और इसीलिए वुहान शहर को लॉकडाउन किया गया है। भारत में भी इसका असर है। चीन और उसके आस पास के देशों के नागरिकों के आवागमन पर निगाह रखनी आवश्यक है अगर सम्भव हो तो कुछ समय के लिए स्थायी प्रतिबंध लगा दिया जाए।
नोट : यह लेखक के निजी विचार हैं, इनके लिए वह स्‍वयं उत्‍तरदायी हैं। संस्‍थान का इससे कोई लेना देना नहीं है। 

Read Comments

Post a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *