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कुर्सी का भूत

हिंदी कहानियां - बच्चो के लिए रोचक , मनमोहक , कविता, अच्छी सीख सच्ची घटनाओं पर आधारित अनोखी कहानियां।

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भूतिया कुर्सी  सच्ची घटना पर आधारित

पुराने समय की बात है, रामनगर नाम का एक गांव था। उस गांव के पास एक घना जंगल था। जिसमें राजू नाम का तांत्रिक रहता था। उस तांत्रिक को अपनी तंत्र विद्या पर बहुत ज्यादा घमंड था कि वह जिसे चाहे उसे अपने वश में कर सकता है और जिसे चाहे उसे मार सकता है।

गांव वालों को यह बात पता चल गई की राजू तांत्रिक अपनी तंत्र विद्या का इस्तेमाल करके गांव के युवकों को एक-एक कर के अपने वश में कर रहा है और कुछ समय बाद ही उन्हें मार देता है। 

एक दिन रात के समय में गांव के लोगो ने एक टोली बनाई और उस तांत्रिक को मारने के लिए उसके घर की ओर चल दिए। जैसे ही वह सभी लोग उस तांत्रिक के पास पहुंचते हैं तो तांत्रिक उस समय अपनी तंत्र विद्या में लीन होता है, और तभी गांव के लोग उसे मिलकर उसकी कुर्सी से बांध देते हैं और आग लगा देते हैं।

वह तांत्रिक वहां उसी कुर्सी पर तड़प-तड़प के मर जाता है। गांव वाले सोचते हैं कि अब उन्हें इस तांत्रिक से हमेशा के लिए छुटकारा मिल गया। 4-5 साल तो बहुत अच्छे से निकल जाते हैं और गांव में भी सुख शांति का माहौल रहता है। तभी वहां शहर से चार लड़के आते हैं और वह सोचते हैं कि क्यों ना आज रात जंगल में बिताई जाए।

लड़के घूमते- घूमते उस तांत्रिक के इलाके तक पहुंच जाते हैं, वहां वो लोग देखते हैं की मकड़ी के जाले लगे हुए हैं गीदड़ वहां भैसे के माँस को खा रहे हैं। उनमें से एक लड़के का पैर उस कुर्सी से टकराता है और वह देखता है कि यह कुर्सी में कुछ अजीब है, बिना कुछ सोचे-समझे वह लड़का उस कुर्सी पर बैठ जाता है और उस लड़के में उस तांत्रिक की आत्मा आ जाती है।

आत्मा के आते ही लड़का जोर-जोर से चिल्लाता है, अब होगा मेरा इंतकाम पूरा, अब मैं इस पूरे गांव को जला कर नष्ट कर दूंगा। बाकी के तीन लड़के इस दृश्य को देखते हैं और वापस गांव की ओर भागते हैं और गांव के सरपंच को यह सारी बात बताते हैं। सरपंच गुस्से में आकर उन लड़कों की डंडे से पिटाई कर देता है और बोलता है कि तुम्हें किसने बोला उस जंगल में जाने को और उस कुर्सी पर जाकर बैठने को, लड़के माफ़ी मांगते हैं और अपने दोस्त को बचाने की तरकीब पूछते हैं।

सरपंच बताता है कि अगर वह लड़का उस कुर्सी पर से उठ जाये और उस कुर्सी में तुम लोग किसी तरह से आग लगा दो तो शायद तुम्हारा दोस्त उस तांत्रिक की आत्मा के चंगुल से बाहर आ जाए। इतनी ही देर में वह लड़का तांत्रिक की कुर्सी के साथ उड़ता हुआ गांव में आ जाता है।

तीनों लड़के तभी एक योजना बनाते हैं और उस व्यक्ति को ढूंढते हैं जिसने पहले तांत्रिक की कुर्सी में आग लगाई थी। तीनों लड़के उस आदमी से गुजारिश करते हैं कि वह कुछ समय के लिए तांत्रिक के सामने आ जाएं, वह आदमी मान जाता है और तांत्रिक के सामने आकर खड़ा हो जाता है।

जैसे ही तांत्रिक की आत्मा उस आदमी को देखती है। वह कुर्सी से उतर जाती है और मौका मिलते ही तीनों लड़के उस कुर्सी पर मिट्टी का तेल डालते हैं और आग लगा देते हैं। जिससे उनके दोस्त की जान बच जाती है और गांव के लोगों को भी उस तांत्रिक की आत्मा से छुटकारा मिल जाता है।

Moral :- दोस्तों, हमे अपनी विद्या का सही उपयोग करना चाहिए, कोई भी ऐसा काम नही करना चाहिए, जिससे दुसरों को हानि हो।

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