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जीवन है रंगो की दुनिया – कविता

डॉ. अंकिता राज

डॉ. अंकिता राज

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जीवन है रंगों की दुनिया
हर पल में है, उम्मीद छुपी
आए हैं पल, आते ही रहते
कुछ पल हैं जो, समझे ना जाते
ये क्या किया, कैसे हुआ
हर मोड़ पर, लगता है यार
जीवन है रंगों की दुनिया
हर पल में है, उम्मीद छुपी
हर रंग हम, कैसे समझते
ये तय करे, आगे क्या हो,
बिखरा है जो, उसको समेटे
रंगों की छाओं में जीवन है लिपटे
आओ मनायें इस साल होली
जीवन के रंगो में घुल जाए होली
जीवन के रंगो में घुल जाए होली। 🙂

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