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महिला उत्पीड़न पर Artembryo की पहल 

Akshansh Kulshreshtha

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आज कल हर तरफ़ महिला उत्पीड़न की ही चर्चा होती नज़र आती है ऐसे में महिला उत्पीड़न हमारे समाज का एक बहुत बड़ा विषय बन चुका है, जिसके बारे में लोगो को जागरूक होना बहुत ज़रूरी है, वैसे तो आपको इस विषय में कई भाषण और आंदोलन मिल जाएंगे लेकिन लखनऊ की एक कला संस्थान आर्टेम्ब्र्यो के माध्यम से कलाकारों ने अपनी कला से महिला उत्पीड़न को दर्शाया है. आपको बता दें 9 अक्टूबर को, आर्टेम्ब्रियो ने “महिला उत्पीड़न के खिलाफ नया भारत” विषय पर एक कला प्रतियोगिता का आयोजन किया था  और कलाकारों से कहा गया कि वे अपनी रचनात्मकता को कागजों और कैनवस पर स्वतंत्र रूप से बहने दें। 
 

देश भर के कलाकारों को भारत में महिलाओं के महत्व और महिला सशक्तीकरण के बारे में अपनी कला के माध्यम से फैलाने का काम दिया गया। इस आयोजन में देश भर के कलाकारों ने हिस्सा लिया और प्रतिभागियों द्वारा कई आश्चर्यजनक कलाकृतियाँ प्रस्तुत की गईं। परिणाम 26 अक्टूबर को सामने आए, जहां तीन विजेताओं का चयन किया गया। 

क्या है Artembryo?  

 Artembryo एक ब्रांड है जो युवा और महत्वाकांक्षी कलाकारों को एक मंच प्रदान करता है। टीम Artembryo कला संस्कृति प्राप्त करने और भारतीय कला रूपों को प्रकाश में लाने की दिशा में काम करती है।   

यह रहे विजेता  
 
देशभर से कलाकारों ने कम्पटीशन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया जिसमें पहला स्थान लखनऊ, उत्तर प्रदेश के अंबिका जायसवाल, दूसरा स्थान उत्तर प्रदेश के बहराइच की तृषा श्रीवास्तव और तीसरा स्थान सीतापुर के अंश जौहरी ने जीता।  हमारे देश में हर नागरिक को महिला सुरक्षा और उनके सशक्तिकरण को गंभीरता से लेने की तत्काल आवश्यकता है। हर रोज हम महिलाओं के खिलाफ होने वाले घृणित अपराधों के बारे में समाचार पढ़ते हैं या देखते हैं, और हमें उनके साथ खड़े होने के लिए जनता को जागृत करना चाहिए।  
अंबिका जायसवाल- 1st
तृषा श्रीवास्तव- 2nd
अंश जौहरी- 3rd

यह था प्रतियोगिता का मक़सद 

Artembryo द्वारा आयोजित यह प्रतियोगिता केवल कलाकारों को मंच प्रदान करने के लिए एक कदम नहीं है, बल्कि कलाकृतियों और चित्रों के माध्यम से युवाओं में एक जागृत संदेश फैलाने के लिए भी है। 
डिस्क्लेमर: उपरोक्त विचारों के लिए लेखक स्वयं उत्तरदायी हैं, जागरण डॉटकॉम किसी भी दावे, आंकड़े या तथ्य की पुष्टि नहीं करता है।

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