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वकालत-बेनाम कोहड़ा बाज़ारी

बेनाम कोहड़ाबाज़ारी उवाच

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“ये वकील का पेशा है या कि पत्थरों की दास्तां,
क़ि जीत पे जश्न नहीं, हार का गम नहीं।”

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