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मेरा अक्श-बेनाम कोहड़ा बाज़ारी

बेनाम कोहड़ाबाज़ारी उवाच

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मेरे रोने पे हँसता है, मेरे हँसने पे रोता है,
मेरा अक्श मेरा होके भी मेरा अपना नहीं।

बेनाम कोहड़ा बाज़ारी
उर्फ़
अजय अमिताभ सुमन

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