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मलाल-बेनाम कोहड़ा बाज़ारी

बेनाम कोहड़ाबाज़ारी उवाच

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अमीरों को मलाल , गरीबी ना मिली,
गरीबों को मलाल,अमीरी ना मिली।
पलंग पे सोते अमीर को तरसे गरीब,
और अमीर कि नींद-ए-फकीरी ना मिली।

बेनाम कोहड़ा बाज़ारी
उर्फ़
अजय अमिताभ सुमन

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