Menu
blogid : 25176 postid : 1334831

तजुर्बा-बेनाम कोहड़ा बाज़ारी

बेनाम कोहड़ाबाज़ारी उवाच

  • 175 Posts
  • 2 Comments

जुबाँ नहीं पहचानता, नज़रों से आंकता हूँ ,
उम्र उतनी नहीं तेरी जितना मेरा तजुर्बा।

बेनाम कोहड़ा बाज़ारी
उर्फ़
अजय अमिताभ सुमन

Read Comments

Post a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *