Menu
blogid : 12591 postid : 16

आपका अपना वृक्ष

darpan

  • 8 Posts
  • 5 Comments

पेड़ पौधों के प्रत्यक्ष लाभ पहली कक्षा की पुस्तक से लेकर स्नातकोत्तर कक्षा की किताबों में मिल जायेंगे . हमारे जीवन के लिए परमावश्यक हैं पेड़ पौधे. प्राचीन ऋषि मुनियों ने इनके महत्व को पहचान कर इन्हें धर्म कर्म से जोड़ दिया. उनका उद्देश्य लोगो में पर्यावरण सरंक्षण के विचार का प्रचार प्रसार ही था. लेकिन धर्म ग्रन्थ यह भी दावा करते हैं कि किसी वृक्ष विशेष को लगाने उसकी सेवा करने से प्रत्येक व्यक्ति को लौकिक के साथ साथ अध्यात्मिक लाभ भी होता है. ज्योतिष में २७ नक्षत्रो का वर्णन है. प्रत्येक नक्षत्र का एक वृक्ष है. प्रत्येक व्यक्ति का जन्म एक विशेष नक्षत्र में होता है. किसी नक्षत्र विशेष में जन्म लेने वाले व्यक्ति को उस नक्षत्र से जुड़े वृक्ष की सेवा करने की सलाह दी गयी है. आजकल वातावरण में नमी है और मौसम वृक्षारोपण के सर्वथा अनुकूल है तो क्यों न यह शुभ कार्य अभी कर लिया जाये. सत्ताईस नक्षत्रों और उन से जुड़े वृक्षों की सूची इस प्रकार है.
१.अश्विनी नक्षत्र – कुचला ( नक्स वोमिका ) ,२.भरनी नक्षत्र – आंवला ,३.कृतिका नक्षत्र – गूलर ,४. रोहिणी नक्षत्र – जामुन ,५. मृगशिरा नक्षत्र – खैर ( कत्था ),६.आद्रा नक्षत्र – शीशम ,७.पुनर्वसु नक्षत्र – बांस ,८.पुष्य नक्षत्र – पीपल ,९.आश्लेषा नक्षत्र – नागकेसर,१०.मघा नक्षत्र – बरगद ,११. पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र – पलाश ( ढाक ),१२.उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र – पाकर ,१३.हस्त नक्षत्र – रीठा,१४. चित्रा नक्षत्र – बेल ,१५.स्वाति नक्षत्र – अर्जुन
१६.विशाखा नक्षत्र – कटाई ( विकंकट ) १७.अनुराधा नक्षत्र – मौलश्री , १८. ज्येष्ठ नक्षत्र – चीड़ ( सरल ), १९.मूल नक्षत्र – साल, २०. पूर्वाशाडा नक्षत्र – जलबेलस ( बंगुल – सलिक्स स्पी. ), २१ उत्तराशाडा नक्षत्र – कटहल ,
२२. श्रवन नक्षत्र – आक ( मदार ), २३. धनिष्ठा नक्षत्र -शमी ( छोंकर ), २४.शतभिषा नक्षत्र – कदम्ब , २५.पूर्व भाद्रपद नक्षत्र – आम , २६.उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र – नीम , २७. रेवती नक्षत्र – महुआ
आशा है आप सभी इस सत्र में जरूर वृक्षारोपण करेंगे.

Read Comments

Post a comment

Leave a Reply