Menu
blogid : 14295 postid : 1323953

मैं मस्जिदों में भजन करूं ,तू मन्दिरों से अजान कर .

Achyutam keshvam

  • 105 Posts
  • 250 Comments

अब साँप बनके नाचते ,मजहबी बीन की तान पर .
इन्सान थे हम याद कर ,इंसानियत का गुमान कर .

इन बरछीयों को तोड़ दें .और घोड़े वापस मोड़ दें .
लड़-लड़ के क्या हासिल हुआ ,सब मिट गया है ये ध्यान कर .

हो मुहब्बते ही मुहब्बतें ,चल एसा हिन्दोस्तान कर .
मैं मस्जिदों में भजन करूं ,तू मन्दिरों से अजान कर .

जियें जिन्दगी इस ढंग से,मिल खेलें होली रंग से .
मैं गुलाब लेके आऊँगा ,इस ईद तेरे मकान पर .

चढ़ी त्यौरीयों को ढील दे ,जला प्यार की कंदील दे .
आ शबनमी मलहम मलूँ ,तेरी आँखों की थकान पर .

Read Comments

Post a comment

Leave a Reply