पश्चिम चंपारण जिले की आद्रभूमियों की बनेगी डिजिटल कुंडली, 80% का फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा
बेतिया जिले की आर्द्रभूमियों की अब डिजिटल कुंडली तैयार की जा रही है, जिसके तहत वन विभाग ने 80% से अधिक जल क्षेत्रों का भौतिक सत्यापन पूरा कर लिया है।

जिले की आद्रभूमियों की बनेगी डिजिटल कुंडली, 80 प्रतिशत का भौतिक सत्यापन पूरा
HighLights
बेतिया की आर्द्रभूमियों की अब डिजिटल कुंडली बनेगी।
वन विभाग ने 80% आर्द्रभूमियों का भौतिक सत्यापन किया।
संरक्षण हेतु जल क्षेत्र, अतिक्रमण और जीवों की जानकारी जुटाई।
शशि कुमार मिश्र, बेतिया। जिले के चौर, मन, झील और तालाबों की अब डिजिटल कुंडली तैयार होगी। आर्द्रभूमियों को संरक्षित करने की दिशा में वन विभाग ने इन जल क्षेत्रों का सर्वेक्षण और भौतिक सत्यापन शुरू किया है। जिले में चिह्नित 100 आर्द्रभूमियों में से करीब 80 प्रतिशत का भौतिक सत्यापन पूरा हो चुका है।
सत्यापन के दौरान आर्द्रभूमियों की वर्तमान स्थिति से जुड़ी विभिन्न जानकारियां जुटाई जा रही हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को भेजी जाएगी। भौतिक सत्यापन में आर्द्रभूमि का क्षेत्रफल, वर्तमान स्थिति, पानी की उपलब्धता, अतिक्रमण और अन्य जरूरी जानकारियों को दर्ज किया जा रहा है।
इसके साथ ही जलीय जीवों की मौजूदगी और यहां आने वाले पक्षियों के ट्रेंड की भी जानकारी जुटाई जा रही है। इससे जिले की आर्द्रभूमियों का समग्र डाटा तैयार होगा, जिसके आधार पर इनके संरक्षण को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वन प्रमंडल पदाधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि जिले में चिह्नित आर्द्रभूमियों के भौतिक सत्यापन का काम प्रगति पर है। करीब 80 प्रतिशत स्थलों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। शेष स्थलों का सत्यापन जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद संकलित जानकारी के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजी जाएगी।
अतिक्रमण से पानी तक की पड़ताल
भौतिक सत्यापन के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि कहीं आर्द्रभूमि के क्षेत्र में अतिक्रमण तो नहीं हुआ है। इसके अलावा संबंधित जल क्षेत्र में वर्षभर अथवा मौसमी रूप से पानी की उपलब्धता की स्थिति दर्ज की जा रही है।
जलीय जीवों की मौजूदगी और पक्षियों के आवागमन के ट्रेंड की भी जानकारी जुटाई जा रही है। इन आंकड़ों से आर्द्रभूमियों की मौजूदा स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी।
2.25 हेक्टेयर क्षेत्र वाली आर्द्रभूमियों का सर्वेक्षण
भौतिक सत्यापन के लिए 2.25 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली आर्द्रभूमियों को चिह्नित किया गया है। इनमें सबसे अधिक 63 आर्द्रभूमि बेतिया वन प्रक्षेत्र में हैं। इसके अलावा रामनगर वन प्रक्षेत्र में 21 और बगहा वन प्रक्षेत्र में 17 आर्द्रभूमि शामिल हैं।
इन सभी स्थलों से जुटाई गई जानकारी के आधार पर संरक्षण की आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। इन आर्द्रभूमियों में मुसहरी सेनुअरिया, गहिरी मन, सरगटिया, मंगलपुर औसानी, परोरहा चौर, गोनौली चौर आदि शामिल हैं।
जिले के 2.25 हेक्टेयर तक विस्तृत आर्द्रभूमियों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। 80 प्रतिशत सत्यापन पूरा हो चुका है। इसकी रिपोर्ट विभाग को भेजी जाएगी। इसके बाद इसके संरक्षण पर काम होगा। - पंकज कुमार, वन प्रमंडल पदाधिकारी, बेतिया
