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पश्चिम चंपारण के स्कूलों में लगेगी पढ़ाई की अदालत, 22 को खुलेगी बच्चों की प्रगति रिपोर्ट

Published: Mon, 14 Sep 2026 03:18 PM (IST)

Nipun Path Theme: पश्चिम चंपारण के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में 22 सितंबर को अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी (PTM) आयोजित होगी। इसका मुख्य ...और पढ़ें

अभिभावकों के साथ सीधा संवाद कायम किया जाएगा। फाइल फोटो

अभिभावकों के साथ सीधा संवाद कायम किया जाएगा। फाइल फोटो

HighLights

  1. 22 सितंबर को सभी प्रारंभिक विद्यालयों में PTM का आयोजन।

  2. 'निपुण पथ' थीम पर बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान पर जोर।

  3. बच्चों की प्रगति पर चर्चा और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित।

संवाद सहयोगी, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। West Champaran PTM: जिले के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में आगामी 22 सितंबर को अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी (PTM) का आयोजन किया जाएगा।

इस बार संगोष्ठी की विशेष थीम 'निपुण पथ: पढ़ना, लिखना एवं गणना' तय की गई है। इस दौरान बच्चों की पढ़ाई की स्थिति, उनकी प्रतिभा और उपलब्धियों को लेकर अभिभावकों के साथ सीधा संवाद कायम किया जाएगा।

निपुण पथ पर चर्चा

शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को मजबूत करने के साथ-साथ पढ़ाई में अभिभावकों की सीधी भागीदारी बढ़ाना है।

प्राथमिक शिक्षा निदेशक के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी बीईओ और प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी कर दिया है। अधिकारियों ने संगोष्ठी में अधिक से अधिक अभिभावकों की सहभागिता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।

अभिभावकों से व्यक्तिगत संपर्क

प्रधानाध्यापकों को विद्यालय परिसर की सफाई, बैठने की व्यवस्था और बच्चों की प्रगति रिपोर्ट समय से तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा जो बच्चे लगातार अनियमित रहते हैं या पढ़ाई छोड़ चुके हैं, उनके अभिभावकों से व्यक्तिगत संपर्क साधा जाएगा। विभाग की मंशा ऐसे सभी बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा में वापस लाने की है।

घर में पठन कोना

संगोष्ठी के दौरान बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, स्वास्थ्य, पोषण और नियमित उपस्थिति जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

शिक्षकों द्वारा अभिभावकों को प्रेरित किया जाएगा कि वे घर में एक 'पठन कोना' बनाएं। साथ ही प्रतिदिन 15 से 20 मिनट बच्चों को अपने सामने जोर से बोलकर पढ़ने की आदत डालने के लिए जागरूक किया जाएगा।

पैरेंट ऑफ द मंथ

विद्यालयों में हर वर्ग से एक अभिभावक को 'पैरेंट ऑफ द मंथ' और एक छात्र-छात्रा को 'स्टूडेंट ऑफ द मंथ' के खिताब से सम्मानित किया जाएगा।

इसके अलावा स्कूलों में सुझाव और शिकायत पंजी भी रखी जाएगी, ताकि अभिभावक अपनी राय दर्ज करा सकें। संगोष्ठी समाप्त होने के बाद प्रधानाध्यापकों को पूरे आयोजन की विस्तृत रिपोर्ट डीईओ को भेजनी होगी।