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पश्चिम चंपारण में बाघ का आतंक, पटेसरा गांव में कुत्ते का शिकार कर बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता

Published: Sun, 23 Aug 2026 05:04 PM (GMT+05:30)

पश्चिम चंपारण के पटेसरा गांव में एक बाघ ने पालतू कुत्ते का शिकार किया, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई ...और पढ़ें

गांव के निकट गन्ने के खेत में लगाया गया पिंजरा। सौजन्य: वन विभाग

गांव के निकट गन्ने के खेत में लगाया गया पिंजरा। सौजन्य: वन विभाग

HighLights

  1. पटेसरा गांव में बाघ ने पालतू कुत्ते का शिकार किया।

  2. ग्रामीणों में दहशत, खेतों में जाने से डर रहे।

  3. वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए।

पंचायत सूत्र, नौरंगिया (पश्चिम चंपारण) West Champaran Tiger Attack: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वन प्रमंडल दो के मदनपुर वन क्षेत्र के पटेसरा गांव में शनिवार को बाघ ने एक पालतू कुत्ते का शिकार कर लिया।

बाघ कुत्ते को गांव से खींचकर पास के गन्ने के खेत में ले गया। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बाघ की गतिविधि व पगमार्क की पहचान में जुट गई।

दहशत के कारण ग्रामीण खेतों की ओर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। मवेशियों के लिए चारा लाने में भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

west champaran patesara tiger dog attack 1

मौके पर पहुंची वन कर्मियों की टीम। सौजन्य: वन विभाग

ग्रामीण सुदर्शन राम, राजकुमार राम, ढेबर महतो, रमाशंकर राम और मुरारी राम आदि ने बताया कि बाघ कुत्ते को खींचते हुए गन्ने के खेत में ले गया। ग्रामीणों ने डर के कारण कुत्ते को बचाने की कोशिश नहीं की।

ग्रामीणों ने बताया कि पटेसरा, मदनपुर, बेलाहवां, सिरिसिया, जरलहिया और नौरंगिया के क्षेत्रों में जंगली जानवरों की चहलकदमी बढ़ती जा रही है।

वन प्रशासन लोगों से सतर्कता बरतने की अपील कर रहा है। विभाग की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से खेत और जंगल की ओर नहीं जाने की अपील भी की जा रही है।

लगातार हो रहे बाघ के हमलों से मौत की घटनाओं को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। वन विभाग बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। ग्रामीणों को खेतों की ओर जाने से परहेज करने को कहा गया है।

पिंजड़े के सहारे बाघ पकड़ने में जुटा विभाग

बाघ द्वारा कुत्ते का शिकार करने के बाद मिले पगमार्क के आधार पर वन विभाग ने बाघ को पकड़ने का अभियान तेज कर दिया है। उसकी गतिविधि के अनुसार संभावित ठिकानों पर पिंजरा लगाया गया है। अभियान की निगरानी मदनपुर वन क्षेत्राधिकारी नसीम अहमद अंसारी अपनी टीम के साथ कर रहे हैं।

रेंजर ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए गन्ने के खेत में पिंजरा लगाया गया है। पिंजरे के अंदर एक बकरी भी बांधी गई है, ताकि बाघ को पकड़ने में मदद मिल सके। निगरानी के लिए मदनपुर वन क्षेत्र के वनरक्षी विकास कुमार के नेतृत्व में टीम लगातार मौके पर कैंप कर रही है।

वीटीआर प्रशासन आम लोगों के जानमाल के साथ बाघ की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर है। बाघ के ग्रामीण क्षेत्र में बने रहने से लोगों के जानमाल की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।