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पश्चिम चंपारण में भैंस के शव में फंसा मालगाड़ी का पहिया, एक वैगन बेपटरी, पांच घंटे तक रेल परिचालन बाधित

Published: Mon, 17 Aug 2026 07:30 PM (IST)

पश्चिम चंपारण के सिकटा में एक मालगाड़ी की चपेट में आने से तीन भैंसों की मौत हो गई, जिससे एक ...और पढ़ें

बेपटरी हुई मालगाड़ी की बोगी। जागरण

बेपटरी हुई मालगाड़ी की बोगी। जागरण

HighLights

  1. सिकटा में मालगाड़ी की चपेट में आईं तीन भैंसें।

  2. एक भैंस के शव से मालगाड़ी का वैगन बेपटरी।

  3. पांच घंटे तक नरकटियागंज-रक्सौल रेलखंड पर परिचालन बाधित।

संवाद सूत्र, सिकटा (पश्चिम चंपारण)।  नरकटियागंज-रक्सौल रेलखंड पर सिकटा स्टेशन और कंगली हाल्ट के बीच सोमवार की दोपहर 2:15 बजे के आसपास रक्सौल से नरकटियागंज जा रही मालगाड़ी की चपेट में आने से तीन भैंसों की मौत हो गई।

एक भैंस का शव मालगाड़ी के पहिया में फंस गया, जिस वजह से उसकी एक वैगन बेपटरी हो गई है। इस दुर्घटना की वजह से इस रेल खंड में करीब पांच घंटे से रेल परिचालन बाधित है।

बेपटरी हुई मालगाड़ी की वैगन को ट्रैक पर लाने के लिए रक्सौल से क्रेन पहुंच गया है। बताया जाता है कि कठिया मठिया गांव के समीप सदभांवका नदी और सिकटा नदी के बीच रेलवे लाइन के समीप कई मवेशी चर रहे थे। तीनों भैंस रेल लाइन पर थीं।

चरवाहे आसपास में नहीं थे। तभी रक्सौल से नरकटियागंज के लिए करीब 100 किमी की रफ्तार से मालगाड़ी गुजरी और तीनों भैंस मालगाड़ी के चपेट में आ गई।

दो भैंसों को मालगाड़ी के ईंजन से धक्का लगा और वे गंभीर रुप से जख्मी होकर पटरी के बाहर गिरीं और दोनों की मौत हो गई। जबकि एक भैंस का शव पहिया में फंस जाने से एक वैगन पटरी से उतर गया है।

घटना के बाद करीब पांच घंटे तक रेल परिचालन बाधित रहा।घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची है। क्षतिग्रस्त वैगन को मालगाड़ी से अलग कर दिया गया है।

शेष वैगन को पीछे की ओर भेलवा स्टेशन तथा आगे की वैगन को सिकटा की ओर भेजा गया है। रक्सौल से पहुंचे क्रेन एवं अन्य उपकरणों की मदद से क्षतिग्रस्त वैगन को हटाने का काम जा रही है।

संयोग है कि मालगाड़ी के सभी वैगन पूरी तरह से खाली हैं। हादसे के कारण 55587 सवारी गाड़ी समेत कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा।

सिकटा के स्टेशन प्रबंधक राजेश कुमार ने बताया कि दुर्घटना के कारण ट्रेनों का परिचालन बाधित है। उधर, जिन तीन भैंसों की मौत हुई है। कोई भी पशुपालक यह बताने को तैयार नहीं हैं कि भैंस किसी की थी।