पश्चिम चंपारण में टला बाढ़ का खतरा, राहत शिविरों से घरों को लौटे ग्रामीण
Bihar Flood Relief Operations: नेपाल से गंडक नदी में पानी छोड़े जाने के बाद पश्चिम चंपारण के योगापट्टी प्रखंड के ...और पढ़ें

मध्य विद्यालय बडहरवा शिविर में करीब 450 लोगों के लिए ताजा भोजन बनवाया गया।
संवाद सूत्र, योगापट्टी (पश्चिम चंपारण)। Bihar Flood Relief Operations :नेपाल की ओर से गंडक नदी में पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ की आशंका को देखते हुए योगापट्टी प्रखंड के दो गांवों को बुधवार को खाली कराया गया था।
सिसवा मंगलपुर और खुटवनिया जरलपुर पंचायत के नदी किनारे बसे लोगों को प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया था।
गंडक के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि नहीं होने और स्थिति सामान्य रहने पर गुरुवार को प्रभावित परिवार अपने घरों को लौटने लगे।
जिलाधिकारी के निर्देश पर अंचल प्रशासन ने खुटवनिया जरलपुर के विस्थापितों के लिए उत्क्रमित मध्य विद्यालय डिही ढबेलवा में राहत शिविर की व्यवस्था की थी।
इसके साथ ही सिसवा मंगलपुर पंचायत के प्रभावित लोगों के लिए मध्य विद्यालय बडहरवा में सुरक्षित आश्रय स्थल बनाया गया था। इन दोनों शिविरों में विस्थापित परिवारों के ठहरने के साथ-साथ शुद्ध पेयजल और भोजन का समुचित प्रबंध किया गया था।
उत्क्रमित मध्य विद्यालय डिही ढबेलवा में लगभग 70 परिवारों के लिए प्रशासन की देखरेख में भोजन तैयार कराया गया। वहीं मध्य विद्यालय बडहरवा शिविर में हल्का कर्मचारी राजेश कुमार की निगरानी में करीब 450 लोगों के लिए ताजा भोजन बनवाया गया।
गुरुवार की सुबह इस केंद्र पर लगभग 350 लोगों ने भोजन किया और दोपहर बाद स्थिति नियंत्रण में देखकर लोग अपने घरों की ओर रवाना हुए।
अंचलाधिकारी विक्रम सिंह ने बताया कि संभावित खतरे को देखते हुए नदी किनारे के परिवारों को एहतियातन सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर ठहराया गया था।
जलस्तर स्थिर होने के कारण लोग वापस लौट रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों को नदी किनारे सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। तटबंधों और जलस्तर की स्थिति पर प्रशासनिक अधिकारी व स्थानीय जनप्रतिनिधि लगातार नजर बनाए हुए हैं।
