West Champaran: सीसीटीवी में रिश्वत लेते दिखे दारोगा, वीडियो वायरल होते ही निलंबित
पश्चिम चंपारण के बलथर थाना के दारोगा शमशाद अहमद को भूमि विवाद में रिश्वत लेते सीसीटीवी फुटेज में देखा गया, ...और पढ़ें

वायरल वीडियो की तस्वीर।
HighLights
दारोगा शमशाद अहमद रिश्वत लेते सीसीटीवी में कैद।
भूमि विवाद मामले में 15 हजार रुपये की रिश्वत ली।
वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी ने किया निलंबित।
जागरण संवाददाता, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। पुलिसकर्मी पर लोगों को न्याय दिलाने और कानून का भरोसा कायम रखने की जिम्मेदारी है, उसी पर भूमि विवाद में कार्रवाई से राहत दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप लगा है।
बलथर थाना के दारोगा शमशाद अहमद का 15 हजार रुपये लेते सीसीटीवी फुटेज प्रसारित होने के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई। मामले की जांच के बाद एसएसपी कुमार गौतम ने दारोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
एसडीपीओ की जांच में आचरण संदिग्ध
एसएसपी ने बताया कि इंटरनेट मीडिया पर दारोगा की कार्यशैली से जुड़ा वीडियो सामने आया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए नरकटियागंज एसडीपीओ से जांच कराई गई। जांच प्रतिवेदन में पुलिस अवर निरीक्षक शमशाद अहमद का आचरण संदिग्ध पाए जाने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई। विभागीय कार्रवाई के लिए उनसे अलग से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
भूमि विवाद के केस में मदद का आरोप
बताया जाता है कि जून में दो पक्षों के बीच भूमि विवाद को लेकर बलथर थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। आरोप है कि इस मामले में मदद करने और कार्रवाई से बचाने के नाम पर दारोगा ने चार सितंबर को बलथर चौक स्थित बाइक पार्ट्स की दुकान पर जाकर 15 हजार रुपये लिए। यह भी आरोप है कि इससे पहले करीब 50 हजार रुपये लिए जा चुके थे।
चार मिनट 48 सेकंड के वीडियो में दिखी गतिविधि
प्रसारित सीसीटीवी फुटेज करीब चार मिनट 48 सेकंड का है। इसमें दारोगा सादे कपड़ों में बाइक पार्ट्स की दुकान में कुर्सी पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान एक व्यक्ति दुकान में आता है। वह गल्ले से रुपये निकालकर गिनता है और दारोगा को देता है। रुपये लेने के बाद दारोगा उन्हें अपनी जेब में रख लेते हैं और दुकान से बाहर निकल जाते हैं।
वीडियो सामने आते ही शुरू हुई जांच
सीसीटीवी फुटेज प्रसारित होने के बाद एसएसपी ने तत्काल मामले की जांच का आदेश दिया। एसडीपीओ की रिपोर्ट में दारोगा की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विभागीय जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
