बगहा । रविवार सुबह के सात बज रहे हैं। नगर के वार्ड नंबर 02 स्थित मलकौली मोहल्ले के लोगों की नजर आसमान की ओर लगी है। सूर्य अपनी आभा बिखेर रहा है। पूरी संभावना है कि आज सूर्य आग उगलेगा और गर्मी परवाज भरेगी। शनिवार की रात्रि तेज आंधी के बीच हुई हल्की बारिश के बाद सुबह के समय ही उमस ने परेशान कर दिया है। घरों में पानी स्टोर करने की तैयारी चल रही है। यदि सुबह 10 बजे तक चापाकलों से पानी नहीं भरा गया तो फिर बीते 15 दिनों से खड़ी परेशानी सताएगी। दरअसल, मोहल्ले में दोपहर चढ़ते ही चापाकल जवाब दे जाते हैं। कई चापाकलों से बिल्कुल पानी नहीं निकलता। जबकि कुछ पर पानी डालने के बाद ही जलस्तर सामान्य होता है। मोहल्ले की सोनमति देवी, रबड़ी देवी, धर्मशीला देवी, गुलाइची देवी, शीला देवी आदि ने बताया कि गर्मी के कारण चापाकल सूख जाते हैं। पहले 20 से 30 फीट नीचे भू-गर्भ जल प्राप्त हो जाता था। इसलिए अधिकांश घरों में चापाकल इतनी ही गहराई वाले हैं। 60 वर्षीय धर्मशीला ने कहा कि मैंने अपने जीवन में दूसरी बार ऐसी स्थिति देखी है कि गर्मी में चापाकल सूख जाए। सालों पहले एक बार ऐसा हुआ था। 10 बजते-बजते सभी घरों में पानी स्टोर हो चुका था। कुछ घरों में पानी खरीद कर मंगाया गया। जिसकी आपूर्ति 11 बजे तक हो चुकी थी।

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मोहल्ले में खरीदा जा रहा पानी :-

मलकौली मोहल्ले की कुल आबादी करीब 14 सौ है। मोहल्ले में गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर करने वाले परिवारों की संख्या कुल आबादी का लगभग 35 फीसद है। निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों की संख्या अधिक है। जबसे गर्मी का सेशन शुरू हुआ है, 60 फीसद घरों में पानी खरीदकर मंगाया जाता है। विभिन्न आरओ कंपनियां शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करती हैं। हालांकि, इनके द्वारा आपूर्ति की जाने वाली पानी की कभी टीडीएस जांच करने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। 20 से 25 रुपये प्रति जार के दर से पानी की बिक्री की जा रही है। जिसकी शुद्धता की गारंटी सिर्फ विक्रेता ही देते हैं।

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लोगों ने कहा-नगर परिषद कराए जलापूर्ति :-

इस मोहल्ले से सटे वार्ड नंबर 01 में एक जलमीनार के निर्माण की योजना है। इस वार्ड के दक्षिणी सिरे पर अवस्थित वार्ड संख्या 03 में पाइप लाइनें बिछ चुकी हैं। लेकिन, अबतक जलापूर्ति शुरू नहीं हुई है। मलकौली निवासी राहुल कुमार गुप्ता बताते हैं कि पहले कुएं से भी पानी मिलता था। अब सभी कुएं पाट दिए गए हैं। लेकिन, वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। मणि कुमार यादव ने कहा कि नगर परिषद के कई वार्डो में जलापूर्ति के लिए पाइप लाइनें बिछ चुकी हैं। जलमीनार भी बनकर तैयार हैं। लेकिन, इस वार्ड में अबतक कोई व्यवस्था नप ने नहीं की है। मधुसूदन यादव ने कहा कि वर्षो पूर्व लगाए गए चापाकल सूख चुके हैं। सरकारी स्तर पर पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। विनय कुमार दूबे ने कहा कि नप द्वारा टैंकर से पानी नहीं भिजवाया जाता। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी नहीं की गई। ऐसे में लोग भू-गर्भीय जल पर निर्भर हैं।

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Posted By: Jagran

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