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वीटीआर में भालू का आतंक: छह महीने में छह हमले, ग्रामीणों में गहराया खौफ

Published: Mon, 14 Sep 2026 12:02 PM (IST)

Bihar Forest News: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के आसपास के इलाकों में भालू के हमलों से ग्रामीण दहशत में हैं, ...और पढ़ें

सीमावर्ती ग्रामीणों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता और डर समा गया है। फाइल फोटो

सीमावर्ती ग्रामीणों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता और डर समा गया है। फाइल फोटो

HighLights

  1. वीटीआर में छह महीने में भालू के छह हमले।

  2. भालू अब रिहायशी और कृषि क्षेत्रों में भी घुस रहे।

  3. ग्रामीणों की दिनचर्या और खेती-किसानी बुरी तरह प्रभावित।

अर्जुन जायसवाल, हरनाटांड़ (पश्चिम चंपारण)। VTR Bear Attack: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के आसपास के इलाकों में भालू का खौफ चरम पर है।

जंगलों से निकलकर रिहायशी क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे भालुओं ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। पिछले छह महीने के भीतर भालुओं ने छह अलग-अलग घटनाओं में लोगों को हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया है।

गांवों में गहराया डर

गोनौली वन क्षेत्र में मचे हड़कंप के बाद अब हरनाटांड़ वन क्षेत्र का दोन इलाका भी भालू के हिंसक हमले का गवाह बना है।

इस ताजा घटना के बाद से सीमावर्ती ग्रामीणों में वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता और डर समा गया है।

हमले में गंभीर घायल

हाल ही में गोबरहिया थाना क्षेत्र के गर्दी दोन गांव निवासी 50 वर्षीय बलिराम महतो पर भालू ने अचानक हमला कर दिया।

बलिराम किसी काम से बाहर निकले थे, तभी भालू ने उन पर झपट्टा मारकर गंभीर रूप से चोटिल कर दिया।

शौच को निकले बुजुर्ग

इससे ठीक एक दिन पहले गोनौली वन क्षेत्र के नारायणपुर गांव में 60 वर्षीय हृदया पांडेय पर भालू ने हमला किया था। वह घर से शौच के लिए निकले थे, तभी घात लगाए बैठे भालू ने उन्हें निशाना बनाया।

लगातार बढ़ रहीं घटनाएं

वन विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, बीते छह महीनों में भालू के हमलों की संख्या छह तक पहुंच चुकी है। 22 मार्च को बगही सखुआनी में खेत में काम कर रही बबीता देवी पर भालू ने जानलेवा हमला किया था।

खेतों में भालू का खौफ

इसके बाद 26 मई को सखुअनवा में खेत देखने गए रंजीत उरांव भी भालू के हमले का शिकार होकर घायल हो गए। वहीं 12 अगस्त को हरनाटांड़ के बरवा कला में गन्ने के खेत से निकले भालू ने गोपाल महतो को घायल कर दिया था।

नेपाल के नागरिक घायल

इसके अलावा नौ सितंबर को वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र में वाल्मीकि आश्रम से लौट रहे नेपाल निवासी चित्र बहादुर मगर पर भी हमला हुआ था। इन सभी घटनाओं से साफ है कि भालू अब केवल जंगल के भीतर तक सीमित नहीं रहे हैं।

भालू अब खेतों, गन्ने की फसलों, गांव की सड़कों और आम आवागमन वाले रास्तों पर भी लगातार नजर आ रहे हैं। अलग-अलग परिस्थितियों में हुए इन हमलों से ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी और खेती-किसानी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।



जंगल से सटे इलाकों में भालू की गतिविधियों पर वन विभाग लगातार नजर रख रहा है। पेट्रोलिंग टीम लगातार गश्ती कर रही है। ग्रामीणों से भी अपील की जा रही है कि वे अकेले जंगल या झाड़ियों की ओर जाने से बचें। भालू दिखाई देने पर उसके करीब जाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें।

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संतोष कुमार, वनपाल, हरनाटांड़ वन क्षेत्र