बगहा। वाहनों की संख्या में दिनोंदिन बढ़ोतरी हो रही है। जिससे सड़कों पर भीड़ बढ़ी है। इस कारण दुर्घटनाओं का ग्राफ साल दर साल बढ़ता जा रहा है। अमूमन तेज रफ्तार, धुंध, कोहरा, जर्जर सड़क आदि के कारण दुर्घटनाएं होती हैं। पर, कई बार अनफिट वाहन भी दुर्घटना का कारण बनते हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो जितनी भी सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, उसमें 2.4 फीसदी सड़क दुर्घटना ऐसे जर्जर वाहनों के कारण ही होती हैं। बड़े शहरों में वाहनों के परिचालन के लिए तय मानकों की जांच जरूर होती है, लेकिन रामनगर में ऐसा कोई व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण जुगाड़ टेक्नोलॉजी के वाहनों का भी धड़ल्ले से परिचालन हो रहा। बीते दो साल में जर्जर वाहनों के कारण दर्जनों दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।

बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के वाहनों का धड़ल्ले से परिचालन :-

रामनगर प्रखंड में पुराने वाहन धुंआ उगलते हुए धड़ल्ले से दौड़ते हैं। कई वाहन तो 15 साल या उससे भी अधिक पुराने हैं। इनमें कार, जीप, ट्रैक्टर के अलावा जुगाड़ टेक्नोलॉजी से बना झाझा व तीन पहिया वाहन भी शामिल हैं। इन वाहनों पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर तक अंकित नहीं होता है। यदि वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए तो फिर चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो जाते। जिनकी पहचान पुलिस नहीं कर पाती है। सबसे बड़ी बात यह है कि इन वाहनों के फिटनेस जांच व प्रमाण पत्र के लिए मात्र एक ही सेंटर है। जो हाल में ही खुला है। पर, यहां सिर्फ प्रदूषण की जांच होती और प्रमाणपत्र का वितरण होता। इसके अलावा यातायात पुलिस की कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि एमवीआई टीम कभी कभार जांच अभियान चलाती है। हालांकि अब पुलिस को चालान काटने का अधिकार मिल गया है। पुलिस टीम कभी कभार जांच अभियान चलाती। चालकों के ड्राइविग लाइसेंस के साथ वाहन के इंश्योरेंस, प्रदूषण प्रमाणपत्र आदि की जांच होती है।

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अन्य प्रदेशों के लिए पंजीकृत वाहनों की भरमार :-

दिल्ली, यूपी, हरियाणा, पंजाब आदि के लिए पंजीकृत वाहन रामनगर की सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ लगाते हैं। अनफिट हो जाने के कारण संबंधित प्रदेशों में इनके परिचालन पर रोक लगा दी जाती है तो वाहन मालिक इसे औनेपौने मूल्य पर बेच देते हैं। ऐसे अनफिट वाहनों को स्थानीय लोग खरीद कर लाते हैं और भाड़े पर चलाते हैं।

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बयान :-

रामनगर क्षेत्र में नियमित रूप से वाहनों की जांच की जाती है। इसमें फिटनेस, पार्किंग, ड्राइविग लाइसेंस, इंश्योरेंस आदि की जांच होती है। कागजात अधूरे रहने र चालान भी काटा जाता है।

अर्जुन लाल, एसडीपीओ, रामनगर

Posted By: Jagran

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