वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में खेत जा रहे अधेड़ पर भालू का हमला, पीठ कंधे और सीने में गंभीर चोट
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के हरनाटांड़ वन क्षेत्र में एक अधेड़ पर भालू ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप ...और पढ़ें

भालू के हमले में घायल का इलाज करते चिकित्सक। फोटो: जागरण
HighLights
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में खेत जा रहे अधेड़ पर भालू का हमला।
बलिराम महतो पीठ, कंधे और सीने में गंभीर रूप से घायल हुए।
एसएसबी टीम ने घायल को अस्पताल पहुंचाया, वन विभाग जांच में जुटा।
संवाद सूत्र, हरनाटांड़ (पश्चिम चंपारण)। Valmiki Tiger Reserve Bear Attack: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के हरनाटांड़ वन क्षेत्र अंतर्गत दोन क्षेत्र में रविवार दोपहर भालू ने खेत की ओर जा रहे एक अधेड़ पर अचानक हमला कर दिया।
हमले में गोबरहिया थाना क्षेत्र के गर्दी दोन गांव निवासी बलिराम महतो (50) गंभीर रूप से घायल हो गए। भालू के हमले से उनकी पीठ, दाहिने कंधे के नीचे बाजू और सीने में गंभीर चोटें आई हैं।
शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीण
भालू के हमले के बाद बलिराम महतो ने शोर मचाया। उनकी आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। लोगों को आता देख भालू वहां से भाग गया, जिससे बलिराम की जान बच सकी।
एसएसबी टीम ने पहुंचाया अस्पताल
घटना के बाद स्वजन ने तत्काल एसएसबी 65वीं बटालियन से संपर्क कर घटना की जानकारी दी और एंबुलेंस की मांग की। सूचना मिलते ही चालक सत्यनारायण कुमार, मेडिक्स अखिलेश यादव और हेड कांस्टेबल बनारसी राउत की टीम एंबुलेंस लेकर मौके पर पहुंची। एसएसबी टीम ने घायल को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरनाटांड़ पहुंचाया।
प्राथमिक उपचार के बाद रेफर
पीएचसी हरनाटांड़ में चिकित्सा पदाधिकारी डा. राजेन्द्र काजी ने घायल का उपचार किया। चिकित्सक के अनुसार, भालू के हमले से बलिराम की पीठ, दाहिने कंधे के नीचे बाजू और सीने पर गंभीर चोटें आई हैं।
प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल बगहा रेफर कर दिया गया।
वन विभाग ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद हरनाटांड़ वन क्षेत्र अंतर्गत गर्दी दोन के वनपाल संतोष कुमार वनकर्मियों की टीम के साथ घायल का हाल जानने पहुंचे।
उन्होंने घटना की जानकारी लेकर आवश्यक सहायता का आश्वासन दिया। वनपाल ने बताया कि भालू के हमले की घटना की जांच कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में भालू की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
