भारत-नेपाल सीमा पर युवतियों को आत्मनिर्भर बनाएगा एसएसबी, देगा सिलाई और ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण
सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने भारत-नेपाल सीमा से सटे पश्चिम चंपारण के गांवों की युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ...और पढ़ें

युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से दो अलग-अलग 30 दिवसीय प्रशिक्षण सत्रों का शुभारंभ किया गया है।
HighLights
SSB 44वीं वाहिनी ने सीमावर्ती युवतियों के लिए प्रशिक्षण शुरू किया।
सिलाई और ब्यूटी पार्लर का 30 दिवसीय गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा।
युवतियां आत्मनिर्भर बन सकेंगी और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त करेंगी।
जागरण संवाददाता, नरकटियागंज/गौनाहा (पश्चिम चंपारण)। West Champaran News: सशस्त्र सीमा बल 44वीं वाहिनी की जी समवाय बलबल द्वारा सोफा मंदिर परिसर में सीमावर्ती क्षेत्र की युवतियों को हुनरमंद बनाने की विशेष पहल शुरू की गई है।
इस कार्यक्रम के तहत भारत नेपाल सीमा से सटे गांवों की युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से दो अलग-अलग 30 दिवसीय प्रशिक्षण सत्रों का शुभारंभ किया गया।
इस योजना का औपचारिक उद्घाटन वाहिनी के कमांडेंट बलवंत सिंह नेगी सहित अन्य अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से किया।
हुनर से संवरेगा भविष्य
इस पहल के तहत 25 युवतियों को आधुनिक सिलाई कटाई तथा 25 युवतियों को प्रोफेशनल ब्यूटी पार्लर का गहन प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन वाइब्रेंट विलेज जम्हौली में होगा, जिससे स्थानीय बेरोजगार युवतियां सीधे लाभान्वित होंगी। वहीं ब्यूटी पार्लर का 30 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण वाइब्रेंट विलेज कैरी की शिक्षार्थियों को दिया जाएगा।
संस्कृति फाउंडेशन का सहयोग
एसएसबी अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का मूल उद्देश्य सीमांत क्षेत्र की युवतियों को व्यावसायिक हुनर सिखाकर उन्हें स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है। यह पूरा तकनीकी प्रशिक्षण संस्कृति फाउंडेशन के सक्रिय सहयोग से धरातल पर संचालित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये युवतियां अपने क्षेत्रों में स्वतंत्र रूप से सिलाई केंद्र व ब्यूटी पार्लर चला सकेंगी।
कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी
उद्घाटन सत्र के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने युवतियों को एसएसबी एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) में भर्ती की चयन प्रक्रियाओं से भी अवगत कराया। इसके साथ ही 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ', नशामुक्त भारत अभियान, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण और मधुमक्खी पालन जैसी केंद्र सरकार की विभिन्न लोककल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर उप कमांडेंट ज्ञानेंद्र कुमार, सहायक कमांडेंट रामवीर कुमार, संस्कृति फाउंडेशन की निदेशक निधि राय, पंचायत समिति सदस्य मंजू कुमारी तथा स्थानीय मुखिया अंतिमा देवी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
