पनियहवा-तमकुही रेल प्रोजेक्ट: बिहार में पैमाइश तेज, यूपी में जमीन अधिग्रहण के पेंच से धीमी पड़ी रफ्तार
पनियहवा-तमकुही बड़ी रेल लाइन परियोजना का निर्माण कार्य धीमा है, हालांकि बिहार के मधुबनी में भूमि की पैमाइश शुरू हो गई है।

पनियहवा-तमकुही रेल परियोजना की रफ्तार धीमी, मधुबनी में भूमि पैमाइश शुरू (AI Generated Image)
HighLights
पनियहवा-तमकुही रेल परियोजना का निर्माण कार्य फिलहाल धीमा चल रहा है।
बिहार के मधुबनी में भूमि अधिग्रहण और पैमाइश का काम शुरू हो गया है।
यूपी में भूमि अधिग्रहण के पेच से परियोजना की गति प्रभावित हो रही है।
संवाद सूत्र, पिपरासी। पनियहवा-तमकुही बड़ी रेल लाइन परियोजना के निर्माण कार्य की रफ्तार फिलहाल धीमी नजर आ रही है। हालांकि बिहार क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। मधुबनी पंचायत में अमीन और संबंधित कर्मियों ने भूमि की पैमाइश शुरू कर दी है।
भूमि स्वामी धनंजय सिंह, नीरज सिंह और मुखिया राकेश चौधरी ने बताया कि मधुबनी गांव के बगल में भूमि की पैमाइश की जा रही है। प्रस्तावित रेल लाइन मधुबनी गांव के दक्षिणी दिशा से होकर गुजरेगी।
67.96 किलोमीटर रेल पटरी बिछाने का प्रावधान
छितौनी रेल निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि परियोजना के तहत कुल 67.96 किलोमीटर रेल पटरी बिछाने का प्रावधान है। इसमें करीब आधा दर्जन स्टेशन बनाए जाने हैं। पुल-पुलिया निर्माण के लिए मिट्टी की जांच का काम पूरा हो चुका है।
परियोजना के प्रथम चरण में यूपी के छितौनी से बिहार के मधुबनी तक 28.35 किलोमीटर और दूसरे चरण में मधुबनी से तमकुही तक 35.84 किलोमीटर रेल लाइन बिछाने का प्रावधान है।
परियोजना पर करीब 895 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। विद्युतीकरण सहित अन्य कार्यों के लिए भी निविदा जारी की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि रेल पटरी बिछाने के लिए गाटर की आपूर्ति जटहा बाजार और कटाई भरपुर गांव के पास की जा रही है। सेमरा लबेदहा, मंझरिया, पिपरासी, सौरहा, मुड़ाडीह, भगड़वा और मधुबनी तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भू-अर्जन विभाग की ओर से पूरी की जा चुकी है। करीब 80 फीसदी भूमि का मुआवजा भी किसानों को दिया जा चुका है।
जिलाधिकारी तरनजोत सिंह की ओर से इसको लेकर शिविर भी आयोजित किया गया था। जिन किसानों ने किसी कारण से भूमि से संबंधित कागजात उपलब्ध नहीं कराए हैं, उनका मुआवजा भुगतान लंबित है।
इस परियोजना से गंडक पार के लोगों को मिलेगी सुविधा
अध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि यूपी क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण का पेच फंसा हुआ है। इसी वजह से परियोजना के निर्माण की गति प्रभावित हो रही है। इस रेल परियोजना के पूरा होने से गंडक पार के पिपरासी, मधुबनी, भितहा और ठकराहा प्रखंड के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
फिलहाल यहां के लोगों को दूसरे प्रदेशों की यात्रा के लिए पडरौना, पनियहवा, बगहा और तमकुही रेलवे स्टेशन जाना पड़ता है।
वहीं, सेमरा लबेदहा पंचायत में वर्ष 2017 में गंडक नदी की बाढ़ के दौरान रेलवे का बांध टूट गया था। ग्रामीणों के अनुसार अब तक इसकी मरम्मत नहीं हो सकी है। इससे बाढ़ के समय बिहार के साथ यूपी के गांवों में भी पानी प्रवेश कर जाता है और परेशानी बढ़ जाती है।
