यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 11, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिव्यांगों को योजनाओं का लाभ पहुंचाना हमारी प्राथमिकता : नि:शक्तता आयुक्त
बेतिया। राज्य नि:शक्तता आयुक्त डा. शिवजी कुमार ने कहा है कि सरकार दिव्यांगों को प्राथमिकता के आधार

बेतिया। राज्य नि:शक्तता आयुक्त डा. शिवजी कुमार ने कहा है कि सरकार दिव्यांगों को प्राथमिकता के आधार पर सहायता पहुंचाने में कृत संकल्पित है। सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए कई विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। सुप्रिम कोर्ट द्वारा दिव्यांगों के लिए चलाये जा रहे कार्यक्रमों का अनुश्रवण किया जा रहा है। इसलिए इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए चलंत न्यायालय का गठन किया गया है। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा-80 के अंतर्गत राज्य आयुक्त के द्वारा दिव्यांगजनों की समस्याओं का चलन्त न्यायालय के दौरान ही निष्पादन किया जाएगा। यह चलंत न्यायालय पश्चिम चम्पारण जिले में 12 जून को नगर भवन, बेतिया के इंडोर स्टेडियम में 10.00 बजे पूर्वाह्न से 5.00 बजे अपराह्न तक संचालित होगा। उक्त चलंत न्यायालय में दिव्यांगा के परिवादों की सुनवाई और निष्पादन का कार्य किया जायेगा। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन अपना आधार कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं अन्य वांछित कागजातों के साथ चलंत न्यायालय में भाग ले सकते हैं। चलंत न्यायालय में जिला अंतर्गत सभी विभागों द्वारा स्टॉल लगाया जाएगा, जहां संबंधित विभाग के नोडल पदाधिकारी अपने विभाग के वांछित योजना प्रतिवेदन के साथ उपस्थित रहेंगे। वे समाहरणालय सभाकक्ष में दिव्यांगजनों की स्थिति एवं संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान जिलास्तरीय अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दिव्यांगजनों को अधिकार प्रदान किये गये है लेकिन अधिकार की उपयोगिता जागरूकता की कमी के कारण नहीं सिद्ध हो पाती है। इसलिए दिव्यांगजनों को प्राथमिकता के तौर पर विशेष सुविधा प्रदान करनी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं में 5 प्रतिशत निधि विशेष तौर पर दिव्यांगजनों के लिए कर्णांकित की गई है, जिसका अनुपालन सभी विभागों के कार्यालय प्रधान द्वारा की जानी है। उन्होंने बारी-बारी से सभी विभागों के जिलास्तरीय पदाधिकारियों से दिव्यांगजनों के लिए क्रियान्वित की जा रही योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और सरकार के निदेशों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की शारीरिक लाचारी को देखते हुए ही यहां उनके बीच आकर ही चलंत न्यायालय का आयोजन किया गया है।राज्य आयुक्त्त द्वारा सिविल सर्जन को चलंत न्यायालय में ही दिव्यांगजनों की जांच कर दिव्यांगता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने हेतु सख्त निदेश दिया गया है। वहीं भवन निर्माण विभाग को सभी सार्वजनिक भवनों में शीघ्र रैंप और लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा गया है। परिवहन विभाग को सभी निजी एवं सरकारी वाहनों में दिव्यांगजनों के लिए सीट आरक्षित करने एवं उनके व्हीलचेयर को साथ ले जाने की सुविधा बहाल करने को कहा गया है। नगर परिषद को सार्वजनिक शौचालयों में दिव्यांगजनों के लिए साइनेज एवं कमोड लगवाने को कहा गया है।शिक्षा विभाग को सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालय भवनों में रैंप और लिफ्ट की सुविधा बहाल करने, दिव्यांग विद्यार्थियों को विशेष उपकरण प्रदान करने एवं ब्रेललिपि की सुविधा प्रदान करने को कहा गया है। पथ प्रमंडल को सभी पथों के चैराहों पर दिव्यांगजनों के लिए ऑडियो डिवाईस लगाने, जगह-जगह पर जेब्रा क्रॉ¨सग बनाने एवं रोड साइनेज लगवाने को कहा गया है। मौके पर आयुक्त्त डा. शिवाजी कुमार, अपर आयुक्त्त, नि:शक्तता, अपर समाहत्र्ता अंसार अहमद, उप विकास आयुक्त कपिलेश्वर मंडल, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग की सहायक निदेशक ममता झा सहित सभी विभागों के जिलास्तरीय पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।
