बगहा। अनुमंडलीय अस्पताल में बर्न वार्ड नहीं होने से झुलसे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। जलने से जख्मी मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद बेतिया रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में कई बार समय से चिकित्सीय सहायता नहीं मिलने के कारण मरीजों की जान पर बन आती है। इस बाबत चिकित्सक बताते हैं कि जले हुए मरीज को अन्य मरीजों के साथ नहीं रखा जा सकता है। कारण की बर्न मरीज को इंफेक्शन होने का खतरा रहता है। ऐसे में कोई विकल्प नहीं रहने के कारण हमें रेफर करना पड़ता है। बर्न वार्ड अस्पताल में नहीं रहने से क्षेत्र के लोगों को घोर परेशानी का सामना करना पड़ता है।

मान्यता 100 बेड की , उपलब्ध हैं 30 बेड :-

रेफरल अस्पताल को अपग्रेड करते हुए तीन दशक पूर्व स्वास्थ्य विभाग द्वारा अनुमंडलीय अस्पताल का दर्जा दिया गया। चिकित्सक 31 और 100 बेड की मान्यता दी गई। लेकिन विभाग द्वारा तीन दशक के बाद भी ना ही चिकित्सक ना ही बेड उपलब्ध कराए गए है। मात्र 30 बेड और 10्र चिकित्सक ही कार्यरत हैं। भवन और बेड की कमी के साथ साथ चिकित्सक और संसाधनों की कमी बनी हुई है।

बयान :-

अस्पताल में बेड की कमी है। भवन की कमी है। मात्र 30 बेड ही उपलब्ध है। बर्न वार्ड नहीं है। बर्न के मरीज को इंफेक्शन होने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में बर्न के मरीज को इलाज के साथ ही स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल बेतिया रेफर कर दिया जाता है। बेड, भवन, चिकित्सक की कमी के लिए बार बार विभाग के वरीय अधिकारियों को पत्राचार किया जा चूका है।

डा. एस.पी.अग्रवाल, उपाधीक्षक अनुमंडलीय अस्पताल बगहा

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस