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वीटीआर व बार्डर की सुरक्षा में नए पहरेदार होंगे तैनात, एक और बीओपी

बगहा। सीमा सुरक्षा के साथ साथ वीटीआर के जंगलों को नुकसान पहुंचाने वालों की अब खैर नहीं।

By JagranEdited By: Published: Sat, 21 May 2022 12:36 AM (IST)Updated: Sat, 21 May 2022 12:38 AM (IST)
वीटीआर व बार्डर की सुरक्षा में नए पहरेदार होंगे तैनात, एक और बीओपी
वीटीआर व बार्डर की सुरक्षा में नए पहरेदार होंगे तैनात, एक और बीओपी

बगहा। सीमा सुरक्षा के साथ साथ वीटीआर के जंगलों को नुकसान पहुंचाने वालों की अब खैर नहीं। वन विभाग ने वीटीआर के जंगलों में एसएसबी के एक और बीओपी (बार्डर आउट पोस्ट) बनाने की हरी झंडी दे दी है। एसएसबी के जवान इंडो-नेपाल बॉर्डर की सुरक्षा के साथ साथ जंगल और जानवर को नुकसान पहुंचाने वालों को रोकने व उन्हें नुकसान पहुंचने वालों से सख्ती से निपटेंगे। गंडक नदी के तट पर कालेश्वर मंदिर के समीप एसएसबी की बीओपी बनाई जाएगी। शुक्रवार को एसएसबी और वन विभाग की अधिकारियों की मौजूदगी में भूमि पूजन हुआ।

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एसएसबी 21 वीं वाहिनी के कमांडेंट प्रकाश ने बताया कि इंडो-नेपाल बार्डर पर एसएसबी का हर समय कड़ा पहरा रहता है। खुली सीमा पर एसएसबी के जवान सतर्क रहते हैं। यहां बीओपी बन जाने के बाद एसएसबी जवानों को बार्डर पर निगरानी करने में आसानी होगी।

बिहार के इकलौते वाल्मीकि टाइगर रिजर्व इन दिनों जंगल और जानवरों को नुकसान पहुंचाने वाले अपराधों पर लगाम कसने की बड़ी मुहिम चला रही है। हालांकि, वीटीआर के जंगल की सुरक्षा पहले से एसएसबी करती आ रही है, लेकिन एक और नई बीओपी बन जाने के बाद से वीटीआर की सुरक्षा पहले से अधिक चाक चौबंद हो जाएगी। नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा की वजह से हमेशा यहां खतरा बना रहता है। यहां तस्करी, घुसपैठ एवं जंगली जानवरों को शिकारियों ने हमेशा अपना शिकार बनाया है, लेकिन एसएसबी की स्थापना के बाद शायद शिकारियों को अपने इरादे को बदलना पड़ेगा। जंगल और जंगली जानवरों को सबसे ज्यादा खतरा शिकारियों से रहता है। एसएसबी के बीओपी बन जाने से वीटीआर की सुरक्षा और मजबूत होगी। एसएसबी की आधा दर्जन बीओपी

वाल्मीकि टाइगर रि•ार्व और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) वीटीआर के जंगलों और इसके समृद्ध वन्यजीवन को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने के लिए तत्पर रहते हैं। यहां कुल आधा दर्जन बीओपी है।

एसएसबी सीमा सुरक्षा के साथ साथ वन्यजीव और वन अपराधियों की गतिविधियों के बारे में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय एवं जानकारी साझा करती है।

उल्लेखनीय है कि सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) भारत का एक अर्धसैनिक बल है। जिस पर 1,751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा की •िाम्मेदारी है।

भारत-नेपाल की खुली सीमा पर वैसे तो एसएसबी की सतर्क नजर है। अब बार्डर पर नजर रखने के लिए कालेश्वर मंदिर के समीप एसएसबी की बीओपी बन जाने के बाद 24 घंटे एसएसबी जवान तैनात रहेंगे।


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