चक्रवात के बीच बिहार से दिखा हिमालय का अद्भुत नजारा, बगहा और मधुबनी में कैमरे में कैद करने की होड़
Himalaya Visible From Bihar: बिहार के पश्चिमी चंपारण और मधुबनी जिलों में चक्रवात 'अर्णब' के प्रभाव से नेपाल की हिमालय ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, पश्चिमी चंपारण/मधुबनी। Nepal Himalaya: बिहार के पश्चिमी चंपारण और मधुबनी जिले के लोग इन दिनों एक बेहद दुर्लभ और अद्भुत नजारे को लेकर खासे उत्साहित हैं।
चक्रवात 'अर्णब' के प्रभाव के बीच अचानक नेपाल की हिमालय पर्वत शृंखला साफ-साफ नजर आने लगी है। इस अनोखे दृश्य ने सीमावर्ती इलाकों के लोगों में जबरदस्त कौतूहल पैदा कर दिया है।
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पश्चिमी चंपारण के बगहा से ऐसा दिखा हिमालय का नजारा।
लोग अपने घरों की छतों से इस नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर इसके वीडियो तेजी से शेयर कर रहे हैं।
पांच साल पहले कोरोना लॉकडाउन के दौरान भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला था, जिसके बाद अब एक बार फिर इस सुहाने दृश्य ने लोगों की पुरानी यादें ताजा कर दी हैं।
चक्रवात के बीच चमका हिमालय
कोरोना काल के लगभग 5 वर्ष गुजर जाने के बाद 28 अक्टूबर को पश्चिमी चंपारण के बगहा से नेपाल के हिमालय पर्वत की बेहद स्पष्ट झलक दिखाई दी।
एक तरफ चक्रवात 'अर्णब' के कारण जहां मौसम में उतार-चढ़ाव और हल्की बूंदाबांदी का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ इस स्पष्ट नजारे ने हर किसी को हैरान कर दिया है।
हालांकि, प्रदूषण का स्तर कम होने या चक्रवात के असर से आसमान साफ होने को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है, लेकिन इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
बगहा से वाल्मीकिनगर की दूरी करीब 45 किलोमीटर है और गंडक बराज पार करते ही नेपाल का त्रिवेणी क्षेत्र शुरू हो जाता है, जहां से पहाड़ काफी करीब महसूस होने लगते हैं।
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मधुबनी के जयनगर से ऐसा दिखा हिमालय का दृश्य।
मधुबनी के जयनगर से भी दिखा अद्भुत दृश्य
कुछ इसी तरह की सुखद और हैरान करने वाली सूचना मधुबनी जिले के जयनगर से भी सामने आई है। जयनगर के कमला पुल के पास से भी 28 अक्टूबर को स्थानीय लोगों ने हिमालय के मनोरम दृश्यों का आनंद लिया।
हालांकि, शुक्रवार को खराब मौसम और बादल घिरने के कारण यह नजारा फिलहाल स्पष्ट नहीं दिख रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा जोरों पर है।
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जयनगर से दिखा हिमालय।
लोग इसके वैज्ञानिक और पर्यावरणीय कारणों की तलाश करने में जुटे हैं कि आखिर चक्रवाती मौसम के बीच इतनी दूर स्थित पर्वत शृंखला इतनी स्पष्ट कैसे दिखाई दे रही है।
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