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नेपाल की बाढ़ ने बिगाड़ा टूरिज्म का खेल, खाली पड़ने लगे होटल और बॉर्डर पर घटे सैलानी

Published: Sun, 30 Aug 2026 02:24 PM (IST)

नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के कारण भारतीय पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है, जिससे चितवन सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों का व्यवसाय प्रभावित हुआ है।

वाल्मीकिनगर स्थित इंडो-नेपाल बार्डर पर पसरा सन्नाटा। जागरण

वाल्मीकिनगर स्थित इंडो-नेपाल बार्डर पर पसरा सन्नाटा। जागरण 

HighLights

  1. नेपाल में बाढ़ से भारतीय पर्यटकों की संख्या घटी।

  2. चितवन में होटलों की बुकिंग 70% से घटकर 20% हुई।

  3. वाल्मीकिनगर सीमा से आवागमन में भारी कमी दर्ज।

संवाद सूत्र, वाल्मीकिनगर (पश्चिम चंपारण)। नेपाल में आई प्राकृतिक त्रासदी का असर सीमा से सटे चितवन समेत नेपाल के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर दिखाई देने लगा है।

बाढ़ और आपदा की खबरों के बाद भारतीय पर्यटकों ने नेपाल की यात्रा से फिलहाल दूरी बनानी शुरू कर दी है। इसका सीधा असर नेपाल के पर्यटन कारोबार पर पड़ा है। वाल्मीकिनगर बॉर्डर से नेपाल जाने वाले लोगों की संख्या में भी पहले की अपेक्षा काफी कमी आई है।

एसएसबी के अनुसार, आपदा से पहले वाल्मीकिनगर बॉर्डर से प्रतिदिन करीब एक हजार से 1200 लोग नेपाल की ओर आवागमन करते थे। इनमें बड़ी संख्या भारतीय पर्यटकों की होती थी।

फिलहाल यह संख्या घटकर करीब 600 से 700 लोगों के बीच रह गई है। इनमें पर्यटक के रूप में नेपाल जाने वाले लोगों की संख्या करीब 150 से 200 प्रतिदिन बताई जा रही है।

बाढ़ से खेतों में जमा हुई मिट्टी और गाद

नेपाल में आई त्रासदी का असर वाल्मीकिनगर से करीब 100 किलोमीटर दूर चितवन क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है। नारायणी नदी के आसपास के खेतों में बाढ़ का पानी जमा होने से 200 हेक्टेयर में लगी फसल प्रभावित हुई है।

कई स्थानों पर पानी के साथ मिट्टी और गाद भी खेतों में जमा हो गई है। इससे किसानों की फसल बर्बाद होने के साथ कृषि भूमि को भी नुकसान पहुंचा है।

चितवन राष्ट्रीय उद्यान में फिलहाल पर्यटन सत्र बंद है, लेकिन सामान्य दिनों में यहां बड़ी संख्या में भारतीय और विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। इसके अलावा मनोकामना मंदिर, पोखरा, मुक्तिनाथ, पाल्पा और काठमांडू जैसे धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर भी बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से पर्यटक वाल्मीकिनगर बॉर्डर के रास्ते नेपाल जाते हैं।

होटलों की बुकिंग में भी आई भारी गिरावट

चितवन पर्यटन संघ के सदस्य और यूनाइटेड हाथी संघ के अध्यक्ष दीपेन्द्र खातीवाड़ा ने बताया कि नेपाल में आई प्राकृतिक त्रासदी का असर पर्यटन व्यवसाय पर पड़ा है।

त्रासदी से पहले चितवन के होटलों में करीब 60 से 70 प्रतिशत तक बुकिंग हो रही थी, लेकिन अब यह घटकर 20 प्रतिशत से भी कम रह गई है। पर्यटकों की संख्या में कमी के कारण कई आवासीय होटल और रेस्टोरेंट आर्थिक संकट की स्थिति में पहुंच गए हैं।

बता दें कि तिब्बत प्रभाग में ग्लेशियर टूटने के बाद भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ से नेपाल के रसुवागढ़ी, तिसु समेत कई क्षेत्रों में भारी तबाही हुई। इसका असर आगे चितवन तक पहुंचा।

आपदा की स्थिति को देखते हुए भारतीय पर्यटक फिलहाल नेपाल की यात्रा को टाल रहे हैं और वहां हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि स्थिति सामान्य होने के बाद एक बार फिर भारतीय पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी।