नेपाल में बाढ़-भूस्खलन का कहर, सौराहा पर्यटन ठप, भारतीय पर्यटकों ने टाली यात्राएं
Nepal Flood Tourism Impact: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने पर्यटन कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया है, ...और पढ़ें

चितवन स्थित सौराहा में पसरा सन्नाटा।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
सुनील कुमार गुप्ता, वाल्मीकिनगर (पश्चिम चंपारण)। Nepal Flood Tourism Impact: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और जगह-जगह हुए भूस्खलन का सीधा असर पर्यटन कारोबार पर दिखने लगा है।
मुख्य सड़क मार्ग बुरी तरह प्रभावित होने के कारण भारतीय पर्यटक फिलहाल नेपाल की यात्रा से परहेज कर रहे हैं। इसका सबसे अधिक प्रभाव भारतीय सीमा से सटे नेपाल के प्रमुख पर्यटन स्थल चितवन स्थित सौराहा में देखने को मिल रहा है।
एडवांस बुकिंग कराया रद
पर्यटक अपनी पूर्व निर्धारित यात्राएं स्थगित करने के साथ ही होटलों में कराई गई अग्रिम बुकिंग भी लगातार रद करा रहे हैं।
गोरखपुर से करीब 100 पर्यटकों के एक दल को चितवन भ्रमण के लिए सौराहा पहुंचना था। पर्यटकों ने सौराहा स्थित 75 कमरों वाले लैंड मार्क होटल में एडवांस बुकिंग कराई थी, जिसे अब स्थगित कर दिया गया है।
यात्राएं स्थगित करने का फैसला
क्षेत्रीय होटल संघ के अध्यक्ष और लैंड मार्क होटल के संचालक ओम प्रकाश पांडे ने बताया कि पर्यटकों ने आपदा के माहौल को देखते हुए फिलहाल यात्रा टाल दी है।
उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में घूमने-फिरने का आनंद लेना संभव नहीं होगा।
पर्यटन सत्र पर असर
त्रासदी से पहले चितवन राष्ट्रीय निकुंज का पर्यटन सत्र बंद होने के बावजूद सौराहा के होटलों में करीब 60 प्रतिशत तक बुकिंग रहती थी।
ऑफ-सीजन में भी भारतीय पर्यटकों की लगातार आवाजाही बनी रहती थी। लेकिन बाढ़ और भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवागमन ठप होने से यह सिलसिला थम गया है।
धार्मिक यात्राएं भी प्रभावित
सौराहा के होटल संचालक रमेश सिलवाल ने बताया कि हर साल इस समय बड़ी संख्या में भारतीय श्रद्धालु मुक्तिनाथ, पशुपतिनाथ और जनकपुर धाम की यात्रा पर आते हैं।
इसके साथ ही वे सौराहा का भी रुख करते हैं। सड़क मार्ग अवरुद्ध होने से पर्यटकों ने चितवन का कार्यक्रम भी टाल दिया है।
सामान्य स्थिति का इंतजार
चितवन के सौराहा में 120 से अधिक होटल संचालित हैं, जिनमें पांच हजार से ज्यादा पर्यटकों के ठहरने की क्षमता है। पर्यटन पर पूरी तरह निर्भर होटल, रेस्टोरेंट और सफारी कारोबारियों को अब स्थिति सामान्य होने और पर्यटकों की वापसी का इंतजार है।
