नेपाल ने भिखनाठोरी बार्डर के पास बढ़ाई सुरक्षा, नई चौकी से भारतीय किसानों की बढ़ी चिंता
नेपाल भारत-नेपाल सीमा पर भिखनाठोरी बार्डर के पास एक नई सुरक्षा चौकी बना रहा है, जिससे भारतीय किसानों को पहाड़ ...और पढ़ें

नेपाल-भारत सीमा। फोटो जागरण
HighLights
नेपाल ने भिखनाठोरी बार्डर पर नई सुरक्षा चौकी बनाई।
भारतीय किसानों को नाले तक पहुंचने में हो सकती है परेशानी।
नेपाल का दावा, चौकी जांच प्रक्रिया को सुगम बनाएगी।
संवाद सूत्र, गौनाहा। भारत-नेपाल सीमा पर भिखनाठोरी बार्डर के समीप ठूठे खोला पुल के पास नेपाल की ओर लकड़ी की बैठका (सुरक्षा जांच शिविर) बनाया जा रहा है। यह चौकी अंतरराष्ट्रीय सीमा स्तंभ संख्या 435 से लगभग 30 से 40 फीट उत्तर दिशा में नेपाल की ओर बनाई गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि चौकी बनने के बाद वहां एक सुरक्षाकर्मी की भी तैनाती कर दी गई है। इससे भारतीय किसानों को पहाड़ के समीप स्थित नाले तक पहले की तरह आसानी से पहुंचने में परेशानी हो सकती है।
पुरानी घटनाओं से बढ़ी चिंता
हालांकि फिलहाल चौकी पर तैनात नेपाली सुरक्षा कर्मी स्थानीय किसानों को रोक टोक नहीं कर रहा है, लेकिन लोगों को चिंता है कि पूर्व में भी नेपाल की ओर से नाले पर अधिकार जताते हुए पानी के प्रवाह को रोका गया था, जिसके कारण भारतीय किसानों को एक नाले का पानी पुल के नीचे से ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
अब नई चौकी बनने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। पूर्व मुखिया दयानंद सहनी, सुमंत कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सीमा के बेहद करीब इस प्रकार की संरचना से भविष्य में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने दोनों देशों के सक्षम अधिकारियों को मामले का संज्ञान लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
नेपाल का पक्ष
वहीं, नेपाली नागरिकों का कहना है कि यह चौकी जांच प्रक्रिया को व्यवस्थित और सुगम बनाने के उद्देश्य से बनाई जा रही है। उनका दावा है कि इसका उद्देश्य सीमा पर निगरानी और आवागमन की जांच को बेहतर करना है।
हालांकि इस संबंध में एसएसबी के अधिकारी कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं, जबकि नेपाली एपीएफ के इंस्पेक्टर अदिललिबू का कहना है कि यह शिविर सिर्फ सुरक्षा जांच को लेकर बना है। ताकि दाेनों देश के लोगों को आवाजाही में कोई परेशानी नहीं हो।
